आई विटनेस न्यूज 24, सोमवार 13 अक्टूबर,जिले में रेत, मुरम और गिट्टी का अवैध कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासनिक सख्ती और विभागीय चेतावनियों के बावजूद माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम नदी किनारों से रेत की निकासी कर रहे हैं।
करंजिया, बजाग, रूसा, बंजर टोला, तेली टोला, लाल खांटी, विठ्ठल देह सिवनी संगम और आसपास के क्षेत्रों में दिन-रात ट्रैक्टर-ट्रॉलियां रेत से भरी दौड़ती नजर आती हैं। इनमें से अधिकांश वाहन बिना नंबर के हैं और परिवहन विभाग की आंखों के सामने से गुजरते हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात ढलते ही रेत माफिया सक्रिय हो जाते हैं। दर्जनों वाहन नदी किनारों से रेत भरकर निर्माण स्थलों तक पहुंचाते हैं, जिससे न केवल पर्यावरणीय असंतुलन बढ़ रहा है, बल्कि शासन को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान भी हो रहा है।
खनिज विभाग के अधिकारी से जब इस विषय पर बात की गई, तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी कहने से परहेज किया। हालांकि, अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने यह स्वीकार किया कि विभाग द्वारा जांच की जा रही है और “जल्द ही कठोर कार्रवाई की जाएगी।”लेकिन सवाल यह है कि विभाग की यह “जल्द” कार्रवाई आखिर कब तक टलती रहेगी?जब तक विभाग कार्रवाई की तैयारी करेगा, तब तक माफिया लाखों की रेत निकालकर बेच चुके होते हैं।वर्षों से जिले में यह अवैध कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। नदियों की गहराई बढ़ रही है, किनारे कट रहे हैं और ग्रामीण इलाकों में जल स्तर पर इसका गंभीर असर देखा जा रहा है।यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो जिले की नदियां जल्द ही दोहन का शिकार बन जाएंगी और राजस्व घाटे के साथ पर्यावरणीय संकट भी बढ़ेगा।




