ओमप्रकाश परस्ते की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, रविवार 5 अक्टूबर,कलेक्टर ने जिले के विकास को गति देने के लिए अपनी प्राथमिकताओं का खुलासा किया है। आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि डिंडोरी एक आदिवासी बहुल जिला है, और प्राकृतिक संपदा के साथ-साथ यहाँ से नर्मदा नदी भी होकर बहती है। उन्होंने ज़ोर दिया कि जिले को विकास के मामले में काफी आगे ले जाने की आवश्यकता है, जिसमें शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
कलेक्टर ने विशेष रूप से 'धरती आबा अभियान' का उल्लेख किया। इस अभियान के तहत ऐसे गाँवों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जहाँ के लोग अब भी केंद्र या राज्य शासन की योजनाओं से लाभान्वित नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य प्रयास है कि बुनियादी विकास की संरचनाएं बनाई जाएं, जिससे लोगों को आवास, सड़क, बिजली जैसी सुविधाएँ मिलें। इसके अतिरिक्त, वन धन विकास केंद्र की ओर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि लोगों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके।जिले में पलायन की बढ़ती समस्या और पानी की समस्याओं को कलेक्टर ने एक प्रमुख चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि पलायन को रोकने के लिए प्राथमिकता यह है कि अधिक से अधिक रोज़गार के अवसर यहीं पर उपलब्ध कराए जाएं।कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि नल-जल योजनाओं को समय पर पूरा कराया जाएगा ताकि पानी की समस्या का समाधान हो सके।नर्मदा संरक्षण: उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी को प्रदूषित होने से रोकने के साथ-साथ, पर्यटन (टूरिज्म) और धर्मस्व विभाग के माध्यम से ऐसे पर्यटन क्षेत्रों को विकसित किया जाएगा जिससे स्थानीय लोगों को रोज़गार मिल सके और पलायन रुके।अंत में, कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, और विकास ही उनकी मुख्य प्राथमिकताएँ हैं, और वह यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि इन क्षेत्रों का लाभ जिले के हर नागरिक तक पहुँचे।

