BHOPAL : वीआईपी मार्ग पर ‘कागजी सफाई’ का खेल, वर्किंग टाइम में भी पसरी गंदगी - i witness news live
Breaking News
Loading...

TOP NEWS

BHOPAL : वीआईपी मार्ग पर ‘कागजी सफाई’ का खेल, वर्किंग टाइम में भी पसरी गंदगी



आई विटनेस न्यूज 24, 
शुक्रवार 14 मार्च, राजधानी भोपाल के सबसे संवेदनशील और वीआईपी इलाकों में से एक बिरला मंदिर से विधानसभा और वल्लभ भवन मार्ग पर सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम के दावों और ज़मीनी हकीकत में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। दिन के वर्किंग टाइम में भी इस वीआईपी मार्ग पर जगह-जगह कचरा और गंदगी पसरी दिखाई देती है।

वीआईपी रोड पर भी गंदगी, नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल

राजधानी का यह मार्ग प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यही रास्ता बिरला मंदिर, विधानसभा और वल्लभ भवन जैसे अहम संस्थानों को जोड़ता है। इसके बावजूद, ज़ोन क्रमांक 7 और वार्ड क्रमांक 33 की सीमा में आने वाले इस इलाके में सफाई व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां सफाई कर्मचारियों की तैनाती कागजों में तो दिखाई देती है, लेकिन मौके पर उनकी मौजूदगी शायद ही कभी दिखती है।



ग्राउंड रिपोर्ट: वर्किंग टाइम में भी नहीं दिखते सफाई कर्मचारी

स्थानीय निवासियों और रोज़ाना इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों के मुताबिक,

  • सुबह से दोपहर तक कचरा सड़क किनारे पड़ा रहता है

  • सफाई कर्मचारी अक्सर मौके पर दिखाई नहीं देते

  • कई जगहों पर प्लास्टिक और सूखा कचरा जमा रहता है

लोगों का आरोप है कि नगर निगम के रिकॉर्ड में यहां नियमित सफाई दिखाई जाती है, लेकिन असलियत इससे बिल्कुल अलग है।


कागजों में सफाई, जमीन पर गंदगी

नगर निगम के अधिकारी दावा करते हैं कि इस इलाके में रोज़ाना सफाई अभियान चलाया जाता है। लेकिन मौके पर जाकर देखने पर तस्वीर अलग नजर आती है। कई स्थानों पर कचरा घंटों तक पड़ा रहता है और उसे उठाने के लिए कोई कर्मचारी नहीं दिखाई देता। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सफाई सिर्फ कागजों में ही हो रही है?

वीआईपी मार्ग पर ऐसी स्थिति क्यों?

राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में से एक होने के बावजूद यहां गंदगी की समस्या कई सवाल खड़े करती है।

  • क्या नगर निगम की मॉनिटरिंग कमजोर है?

  • क्या सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी सिर्फ रिकॉर्ड तक सीमित है?

  • या फिर जिम्मेदार अधिकारी इस स्थिति से अनजान हैं?

स्थानीय लोगों की मांग

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उनका मानना है कि:

  • सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी हो

  • कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित की जाए

  • वीआईपी मार्ग की सफाई को प्राथमिकता दी जाए



निष्कर्ष

भोपाल जैसे स्मार्ट सिटी की पहचान उसकी साफ-सफाई और व्यवस्था से होती है। लेकिन यदि विधानसभा और वल्लभ भवन जैसे वीआईपी इलाकों के रास्तों पर ही गंदगी नजर आए, तो यह नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर प्रशासन कब तक कार्रवाई करता है और राजधानी की सड़कों को साफ रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

Ashish Joshi

Ashish Joshi
ASHISH JOSHI | आई विटनेस न्यूज़ 24 के संचालक के रूप में, मेरी प्रतिबद्धता हमारे दर्शकों को सटीक, प्रभावशाली और समय पर समाचार प्रदान करने की है। मैं पत्रकारिता की गरिमा को बनाए रखते हुए हर खबर को सच के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूँ। आई विटनेस न्यूज़ 24 में, हमारा लक्ष्य है कि हम समाज को सशक्त और जोड़ने वाली आवाज़ बनें।