राजेन्द्र तंतवाय की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, शुक्रवार 20 मार्च, शाहपुर कस्बे में पवित्र रमजान माह अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है, और इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में रूहानी माहौल और भी गहरा हो गया है। एक महीने तक रोजा, नमाज और इबादत में डूबे रोजेदार अब इस बरकतों भरे महीने को अलविदा कहने की तैयारी में जुटे हैं। हर तरफ अल्लाह की इबादत, सब्र और इंसानियत की मिसाल देखने को मिल रही है।
मस्जिदों में पांच वक्त की नमाज के साथ-साथ तरावीह की नमाज में भारी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। अंतिम अशरे में शब-ए-कद्र की तलाश में रोजेदार देर रात तक इबादत कर रहे हैं, जिससे पूरा कस्बा आध्यात्मिक माहौल में रंगा हुआ नजर आ रहा है। युवा वर्ग की बढ़ती भागीदारी ने इस बार रमजान की रौनक को और भी खास बना दिया है।
रमजान के अंतिम दिनों में जकात और फितरा अदा करने का सिलसिला भी तेज हो गया है। जरूरतमंदों की मदद के लिए लोग खुलकर आगे आ रहे हैं, जिससे समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना मजबूत हो रही है। कई स्थानों पर सामूहिक इफ्तार का आयोजन किया जा रहा है, जहां सभी लोग मिल-जुलकर रोजा खोलते नजर आ रहे हैं।
इधर, ईद-उल-फितर के स्वागत को लेकर बाजारों में भी जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। कपड़े, सेवइयां, खजूर और मिठाइयों की दुकानों पर खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ रही है। बच्चे, युवा और महिलाएं ईद की तैयारियों में जुटे हुए हैं, जिससे कस्बे का माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया है।
धार्मिक जानकारों का कहना है कि रमजान का महीना आत्मशुद्धि, संयम और इंसानियत का संदेश देता है। इस दौरान किए गए नेक कार्य न सिर्फ व्यक्ति को बेहतर बनाते हैं, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाते हैं।
अब सभी की निगाहें चांद रात पर टिकी हैं। लोग दुआ कर रहे हैं कि इस रमजान की रहमतें पूरे साल बनी रहें और ईद खुशियों का पैगाम लेकर आए।
कस्बे में रमजान का अंतिम दौर इबादत और इंसानियत की खूबसूरत तस्वीर पेश कर रहा है, जो लंबे समय तक लोगों के दिलों में यादगार बनी रहेगी।

