आई विटनेस न्यूज 24, मंगलवार 31 मार्च,वनमंडल डिंडोरी के वनपरिक्षेत्र डिंडोरी अंतर्गत तीन हाथियों की आमद दर्ज की गई है। वर्तमान में उक्त हाथी कुई से होते हुए रामगुड़ा, त्यागपुर, सारसताल, गोपालपुर, बांसी देवरी, देवकरा एवं मिगड़ी के वन क्षेत्रों में सतत विचरणरत हैं।
वनमंडलाधिकारी, सामान्य वनमंडल डिंडोरी अशोक कुमार सोलंकी एवं उपवनमंडल अधिकारी सुरेन्द्र सिंह जाटव के निर्देशन में हाथियों की सतत निगरानी, जनसुरक्षा तथा जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु छह विभागीय टीमें निरंतर मॉनिटरिंग कार्य में संलग्न हैं। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्वयं क्षेत्र का भ्रमण कर मौके का निरीक्षण किया जा रहा है तथा संबंधित ग्रामों में वन समितियों एवं ग्रामीणों की बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं समझाइश प्रदान की जा रही है।
जनसहभागिता को सुदृढ़ करने हेतु वन विभाग द्वारा हाथी मित्र दलों का गठन किया गया है, जिनमें स्थानीय ग्रामीणों एवं आमजन को सम्मिलित कर उनका सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। इन दलों के माध्यम से हाथियों की गतिविधियों की सतत निगरानी, समय पर सूचना का आदान-प्रदान तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता सुनिश्चित की जा रही है।
आपातकालीन परिस्थितियों से त्वरित निपटान हेतु वन विभाग द्वारा रैपिड रिस्पॉन्स टीम का भी गठन किया गया है, जो किसी भी सूचना प्राप्त होते ही तत्काल स्थल पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करती है।
हाथियों के विचरण क्षेत्र में जनसुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए संबंधित क्षेत्रों में विद्युत विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यकतानुसार विद्युत आपूर्ति एवं प्रकाश व्यवस्था अस्थायी रूप से बंद करवाई जा रही, जिससे हाथियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके तथा अनावश्यक भीड़ एवं जोखिम की स्थिति से बचा जा सके।
इसी क्रम में चिकित्सा विभाग से भी निरंतर संपर्क बनाए रखा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना, घायल अथवा जनहानि की स्थिति में एम्बुलेंस एवं चिकित्सकीय सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जा सके।
यदि हाथियों द्वारा किसी भी प्रकार की फसल, मकान अथवा अन्य संपत्ति को क्षति पहुंचाई जाती है, तो राजस्व विभाग के समन्वय से त्वरित सर्वे एवं मुआवजा प्रकरण की कार्रवाई की जाएगी।
इस संपूर्ण अभियान में वन विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, विद्युत विभाग एवं चिकित्सा विभाग आपसी समन्वय एवं सहयोग से सतत कार्यरत हैं।
आमजन से अपील
समस्त नागरिकों से अपील है कि हाथियों से कम से कम 250 मीटर की सुरक्षित दूरी बनाए रखें। किसी भी स्थिति में हाथियों के निकट न जाएं, उन्हें उकसाने का प्रयास न करें तथा फोटो अथवा वीडियो लेने के उद्देश्य से अपनी जान को जोखिम में न डालें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल वन विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।

