राजेश ठाकुर की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, सोमवार 30 मार्च, जिले के मेहंदवानी मुख्यालय में इन दिनों भ्रष्टाचार का एक नया मामला सामने आया है, जहां महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी योजनाओं के फॉर्म भरने के नाम पर अवैध वसूली किए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि विभाग के कुछ जिम्मेदार कर्मचारियों और स्थानीय दुकानदारों की मिलीभगत से शासकीय ID का दुरुपयोग कर हितग्राहियों से पैसे वसूले जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, शासकीय योजनाओं के फॉर्म, जो कार्यालय में निःशुल्क भरे जाने चाहिए, उन्हें दुकानों के माध्यम से भरवाया जा रहा है। इसके लिए 100 से 200 रुपये तक की राशि वसूली जा रही है। यह पूरा खेल कथित तौर पर विभागीय सुपरवाइजर और दुकानदारों की सांठगांठ से संचालित हो रहा है।
स्थानीय हितग्राही विपिन प्रजापति ने बताया कि जब वह प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का फॉर्म भरवाने महिला एवं बाल विकास कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें वहां से दुकान पर भेज दिया गया। दुकान पर शासकीय ID के जरिए फॉर्म भरा गया और इसके बदले शुल्क लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तरह अन्य योजनाओं के फॉर्म भी दुकानों में भरवाकर आम लोगों से अवैध वसूली की जा रही है।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह गतिविधियां परियोजना अधिकारी के संज्ञान में होने के बावजूद खुलेआम जारी हैं। इससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अवैध वसूली लंबे समय से चल रही है और इसमें विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता।
सूत्रों के मुताबिक, यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो लाखों रुपये के घोटाले का खुलासा हो सकता है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब देखना होगा कि खबर के प्रकाश में आने के बाद प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाता है।

