आई विटनेस न्यूज 24, मंगलवार 7 अप्रैल,कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जिलेभर से आए नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया गया। जनसुनवाई के दौरान कुल 68 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर वैद्यनाथ वासनिक, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रांयशी जैन, तहसीलदार शशांक शेंडे सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में भूमि विवाद, वन विभाग की कार्यवाही, लंबित वेतन, स्कूल भवन, सड़क अतिक्रमण तथा शासकीय योजनाओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रकरण सामने आए।
ग्राम गणेशपुर निवासी 75 वर्षीय सीताराम उर्फ भूखा ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी निजी भूमि पर, जबकि मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण कर कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने उक्त कार्यवाही पर रोक लगाने एवं भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की।
इसी प्रकार ग्राम कुकर्रामठ के ग्रामीणों ने भगवान ऋणमुक्तेश्वर मंदिर जाने वाले मार्ग से अतिक्रमण हटाने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार मार्ग में कांटेदार झाड़ियां एवं पत्थर डाले जाने से श्रद्धालुओं को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम भालापुरी (शिकारीटोला) के ग्रामीणों ने प्राथमिक शाला भवन के अभाव की समस्या रखते हुए बताया कि विगत दो वर्षों से बच्चे अस्थायी छप्पर के नीचे अध्ययन करने को विवश हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने शीघ्र नवीन विद्यालय भवन निर्माण कराने की मांग की।
जनसुनवाई में एक आवेदिका द्वारा गौशाला एवं पशु शेड निर्माण हेतु सहायता राशि स्वीकृत करने की मांग रखी गई। वहीं आउटसोर्स कर्मचारियों ने कई महीनों से लंबित वेतन भुगतान नहीं होने की शिकायत दर्ज कराई।
इसके अतिरिक्त सुशीला बाई ने कर्मकल्याण योजना के अंतर्गत सहायता राशि दिलाने तथा किसान इतवारी ने 30 वर्षों से काबिज वनभूमि का पट्टा प्रदान करने की मांग प्रस्तुत की।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने सभी प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को जांच कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि आमजन की समस्याओं का समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक प्रकरण में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखी जाए।

