आई विटनेस न्यूज 24, शुक्रवार 29 मई,नगर परिषद शहपुरा की पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश गुप्ता पर शासकीय दस्तावेजों में कथित फर्जीवाड़ा कर अपने रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने एवं शासन को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में नगरीय प्रशासन विभाग जबलपुर के संभागीय संचालक को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार नगर परिषद शहपुरा स्थित मानस भवन परिसर में दुकान क्रमांक 01 से 33 तक का निर्माण लगभग 90 लाख रुपये की लागत से कराया गया था। इन दुकानों की विधिवत नीलामी से नगर परिषद को करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई थी। आरोप है कि इसके बाद दूसरी नीलामी प्रक्रिया में तत्कालीन अध्यक्ष द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए दुकान क्रमांक 34 से 41 तक की दुकानों का आवंटन नियम विरुद्ध तरीके से अपने करीबी रिश्तेदारों के नाम कर दिया गया।
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि दुकान क्रमांक 36, 37, 38 और 39 को बिना वैधानिक नीलामी प्रक्रिया अपनाए पूर्व अध्यक्ष की भाभियों गायत्री गुप्ता एवं सरिका गुप्ता के नाम आवंटित किया गया। आरोप है कि इन दुकानों को मात्र 4 लाख 50 हजार रुपये प्रति दुकान की दर से दिया गया, जबकि आसपास की दुकानों की नीलामी 20 से 35 लाख रुपये तक हुई थी। इससे शासन को लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचने का दावा किया गया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद जनप्रतिनिधि द्वारा अपने रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाया गया, जो नियमों के विपरीत है। मामले में यह भी कहा गया है कि वर्तमान परिषद की बैठक में इन दुकानों के आवंटन को निरस्त करने का निर्णय लिया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
शिकायत में पूर्व अध्यक्ष पर भारतीय न्याय संहिता एवं नगर पंचायत अधिनियम के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए संपूर्ण मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है। मामले के सामने आने के बाद नगर परिषद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और लोगों की निगाहें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

