भोपाल | चिरायु जोशी की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, गुरुवार 28 मई, मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच स्कूलों की ग्रीष्मकालीन छुट्टियां बढ़ाए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे हालात में संभावना जताई जा रही है कि राज्य सरकार स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि आगे बढ़ा सकती है।
प्रदेश में वर्तमान में विद्यार्थियों के लिए 1 मई से 15 जून 2026 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित है, जबकि सरकारी शिक्षकों के लिए गर्मी की छुट्टियां 1 मई से 31 मई तक निर्धारित की गई थीं। हालांकि इस बार शिक्षकों को पूरी छुट्टी का लाभ नहीं मिल पाया। गर्मी की छुट्टियों के दौरान ही 7 मई से हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी की दूसरी बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई थीं, जो 27 मई तक संचालित हुईं। इसके अलावा प्रदेश में जनगणना सहित अन्य प्रशासनिक कार्य भी चलते रहे, जिनमें बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई।
इसी मुद्दे को लेकर शिक्षक संगठनों ने सरकार के सामने नाराजगी जाहिर की है। शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रवीर सिंह राठौर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि जब शिक्षकों से ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी लगातार बोर्ड परीक्षा, जनगणना और अन्य शासकीय कार्य कराए गए हैं, तो उन्हें अतिरिक्त अवकाश दिया जाना चाहिए। शिक्षक संगठनों ने विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों का अवकाश भी बढ़ाने की मांग की है। समग्र शिक्षक संघ सहित कई संगठनों का कहना है कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 45 से 48 डिग्री तक पहुंच रहा है। ऐसे में शिक्षकों को लगातार ड्यूटी में लगाए रखना स्वास्थ्य के लिए भी चुनौती बन सकता है। शिक्षक नेताओं का तर्क है कि छुट्टियों के दौरान सरकारी कार्यों में व्यस्त रहने के कारण शिक्षकों को वास्तविक अवकाश नहीं मिल पाया।
इधर देश के कई राज्यों में गर्मी को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने और समय परिवर्तन जैसे फैसले लिए जा चुके हैं। मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश में आगामी दिनों में भी तेज गर्मी और लू चलने की संभावना जताई है। ऐसे में शिक्षा विभाग पर छुट्टियां बढ़ाने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हालांकि अभी तक स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन विभागीय सूत्रों के अनुसार स्थिति की समीक्षा की जा रही है। यदि भीषण गर्मी का दौर जारी रहा तो सरकार विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी अतिरिक्त राहत देने पर निर्णय ले सकती है।


