सात वर्षों से लंबित वेतन भुगतान को लेकर जनपद पंचायत डिंडोरी में सौंपा आवेदन, प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
राजेन्द्र तंतवाय की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, शुक्रवार 8 मई, माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद वर्षों से लंबित वेतन भुगतान नहीं होने का मामला अब एक बार फिर चर्चा में आ गया है। ग्राम पंचायत मुड़ियाखुर्द निवासी एवं ग्राम रोजगार सहायक महेन्द्र कुमार ठाकुर ने जनपद पंचायत डिंडोरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवेदन सौंपकर न्यायालय के आदेशों का पालन कराते हुए लंबित वेतन भुगतान और कथित गलत भुगतान की वसूली की मांग की है।
आवेदन में महेन्द्र कुमार ठाकुर ने उल्लेख किया है कि वर्ष 2017 से 2024 तक उन्हें वेतन नहीं दिया गया, जबकि पूर्व सरपंच के नियुक्ति आदेश के आधार पर दूसरे व्यक्ति को भुगतान किया जाता रहा। आवेदक ने इसे न्यायालय के आदेशों के विपरीत बताते हुए कहा कि माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर की डिवीजन बेंच ने उनकी नियुक्ति को वैध माना है और पूर्व में पारित आदेशों को भी सही ठहराया है।उन्होंने प्रशासन को चेताते हुए कहा है कि यदि न्यायालय के आदेशों का समय पर पालन नहीं किया गया तो यह मामला अवमानना की श्रेणी में आ सकता है। आवेदन में संबंधित व्यक्ति से राशि की वसूली कर वास्तविक पात्र को भुगतान कराने की मांग भी की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आवेदन की प्रतिलिपि कलेक्टर डिंडोरी, जिला पंचायत कार्यालय तथा मानव अधिकार आयोग जबलपुर को भी भेजी गई है।
न्यायालय द्वारा नियुक्ति को सही माना जा चुका है, तो आखिर वर्षों तक वेतन भुगतान क्यों रोका गया। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और न्यायालय के आदेशों का पालन कितनी तेजी से सुनिश्चित किया जाता है।


