आई विटनेस न्यूज 24, मंगलवार 23 जून,अमरपुर में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक अब आम लोगों की जान पर बनता जा रहा है। ताजा मामला वार्ड क्रमांक 17, राव मोहल्ला, तहसील कार्यालय के सामने का है, जहां मंगलवार सुबह एक कथित पागल कुत्ते ने 80 वर्षीय जयकरण राव पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। बुजुर्ग के सिर, चेहरे और माथे पर गहरी चोटें आई हैं, जबकि हाथ-पैर में फ्रैक्चर होने की भी जानकारी सामने आई है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और नगर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, जयकरण राव सुबह करीब 6 बजे अपने घर से निस्तार के लिए बाहर निकले थे। इसी दौरान अचानक एक कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बुजुर्ग ने खुद को बचाने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन कुत्ता लगातार उन पर झपटता रहा। हमले के दौरान वह जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद कुत्ते ने उनके सिर और चेहरे पर बुरी तरह काट लिया। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने किसी तरह उन्हें बचाया और तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
जिला मुख्यालय में भी स्ट्रीट डॉग्स का खतरा लोग दहशत में
जिला मुख्यालय के कई इलाकों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अब गंभीर सार्वजनिक समस्या बन चुकी है। सुबह-शाम टहलने निकलने वाले लोग, स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और बाइक सवार परिवार अक्सर इन कुत्तों के झुंड से भयभीत रहते हैं। कई बार राह चलते लोगों पर कुत्तों के दौड़ने, काटने और हमला करने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद हालात में कोई ठोस सुधार नजर नहीं आता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्ट्रीट डॉग्स की समस्या को लेकर पूर्व में कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। इस मुद्दे पर समाचार भी प्रकाशित हुए, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। नगर पंचायत डिंडोरी ने बीते समय डॉग लवर्स को नोटिस जारी करने की औपचारिकता जरूर निभाई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका कोई असर नहीं दिखा।
इतना ही नहीं, पूर्व सीएमओ द्वारा पिंजरे मंगाने और आवारा कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। न तो नियमित धरपकड़ अभियान चला, न ही कोई स्थायी समाधान सामने आया।अमरपुर में बुजुर्ग पर हुए इस हमले ने एक बार फिर यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है" किसका इंतजार कर रहा प्रशासन?"

