ओमप्रकाश परस्ते की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, रविवार 21 जून,जिले में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है। अमरपुर विकासखंड के तांडो टोला नीचे मोहल्ले में ग्रामीणों को पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि गांव के लोग करीब आधा किलोमीटर दूर नदी से पानी लाने को मजबूर हैं, जबकि लाखों रुपये की लागत से बनाई गई नल-जल योजना ग्रामीणों की प्यास बुझाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि मोहल्ले में मौजूद एकमात्र कुआं और हैंडपंप पूरी तरह सूख चुके हैं। वहीं नल-जल योजना के तहत लगाए गए नलों से भी पानी नहीं आ रहा है। ऐसे में महिलाओं और बच्चों को प्रतिदिन नदी तक जाकर पानी लाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पीएचई विभाग द्वारा लगभग दो वर्ष पूर्व नल-जल योजना का निर्माण कराया गया था। योजना के परीक्षण के दौरान केवल एक बार पानी की आपूर्ति की गई, लेकिन इसके बाद आज तक नलों में पानी नहीं आया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई स्थानों पर पाइपलाइन टूटी हुई और बिखरी पड़ी है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब लाखों रुपये खर्च कर नल-जल योजना तैयार की गई तो उसका लाभ ग्रामीणों तक क्यों नहीं पहुंच पाया? योजना के निर्माण और निगरानी में किस स्तर पर लापरवाही हुई तथा खराब कार्य के लिए जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
तांडो टोला का यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा शीघ्र पेयजल व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है।

