गोरे हनुमन्त की रिपोर्ट
जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण अंचलों में एक घंटे तक तेज बारिश, आंधी-तूफान से पेड़ गिरे; फिलहाल किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं
आई विटनेस न्यूज 24, बुधवार 24 जून,जिला मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ली और दो-तीन दिनों से बादलों की आंख-मिचौली के बाद आखिरकार झमाझम बारिश शुरू हो गई। तेज आंधी और गरज-चमक के साथ हुई इस बारिश ने भीषण उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत दी, वहीं लंबे इंतजार के बाद खेतों की ओर टकटकी लगाए बैठे किसानों के चेहरों पर भी खुशी साफ नजर आई।
जिले के टिकरा, नवसा, पोडीपड़रिया, सारसताल, नारायणडीह, माधवपुर, अखरार, भंवरखंडी, नए गांव और बरगांव समेत कई इलाकों में करीब एक घंटे तक तेज बारिश और आंधी-तूफान का दौर चला। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर पेड़-पौधे और डालियां सड़कों पर गिर गईं, जिससे लोगों में कुछ देर के लिए डर का माहौल भी बना रहा। हालांकि समाचार लिखे जाने तक किसी बड़ी जनहानि या अप्रिय घटना की सूचना सामने नहीं आई थी।
ग्रामीण अंचलों में किसान खरीफ सीजन की तैयारियों के साथ खाद-बीज लेकर बारिश का इंतजार कर रहे थे। किसानों का कहना है कि सामान्य वर्षों में 15 जून के बाद मानसून की सक्रियता बढ़ जाती है और बुवाई का काम शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार बारिश में देरी के कारण खेतों में काम अटक गया था। बुधवार को हुई झमाझम बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है और अब वे बुवाई की तैयारी में जुटने लगे हैं।
किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश का क्रम बना रहा तो धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी। लंबे इंतजार के बाद हुई इस बारिश को किसान अच्छी शुरुआत मान रहे हैं।
मध्यप्रदेश में इस बार मानसून की एंट्री सामान्य तिथि से कुछ दिन देरी से हुई है। 24 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने प्रदेश के कुछ हिस्सों में दस्तक दी है और मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिनों में इसके और आगे बढ़ने के संकेत दिए हैं। कई रिपोर्टों के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा बुधवार को इंदौर–मंडला तक पहुंची, जिससे महाकौशल और पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना बढ़ गई है।
मौसम संबंधी उपलब्ध पूर्वानुमानों के अनुसार डिंडोरी और आसपास के क्षेत्रों में 24 जून को बारिश की संभावना पहले से जताई गई थी, और आने वाले 24 से 48 घंटों में भी रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक और तेज हवा का असर बना रह सकता है।
तेज आंधी, बिजली चमकने और पेड़ों के गिरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन और ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है। खराब मौसम के दौरान पेड़ों, कच्चे बिजली तारों और खुले स्थानों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। वहीं किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है, लेकिन लगातार बारिश होने पर खेतों की तैयारी और जल निकासी पर भी ध्यान देना होगा।


