, रविवार 2 अगस्त,जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत ग्राम पड़रिया खुर्द के ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी एवं मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनबाड़ी एवं मिनी आंगनबाड़ी केंद्र लंबे समय से निर्धारित समय के अनुसार संचालित नहीं किए जा रहे हैं। शिकायत के अनुसार बच्चों को लगभग 15 से 20 दिनों तक भोजन उपलब्ध नहीं कराया गया। वहीं, भोजन दिए जाने की स्थिति में भी शासन द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुरूप पोषण आहार नहीं दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को लगातार कई दिनों तक केवल सूखे आम के टुकड़े (अंमकड़िया) के टुकड़े डालकर निम्न गुणवत्ता का भोजन परोसा गया, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
ग्रामीणों ने बताया कि इन अनियमितताओं की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने के लिए उन्होंने स्थानीय एवं जिला स्तर के समाचार पत्रों तथा मीडिया के माध्यम से मामला उजागर किया। उनका आरोप है कि समाचार प्रकाशित होने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा की गई जांच निष्पक्ष नहीं रही। शिकायत में कहा गया है कि निरीक्षण के दौरान वास्तविक हितग्राहियों एवं ग्रामीणों से जानकारी लेने के बजाय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिश्तेदारों एवं परिचितों से बयान लेकर हस्ताक्षर कराए गए, जिससे जांच की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, बच्चों को शासन द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार उपलब्ध कराया जाए, वास्तविक हितग्राहियों एवं ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जाएं तथा पूर्व में हुई जांच की समीक्षा कर दोषी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
फिलहाल इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

