आई विटनेस न्यूज 24, मंगलवार 18 अगस्त,मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने प्रदेश के कर्मचारियों और अधिकारियों की लंबित मांगों के निराकरण को लेकर डिंडौरी कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम 23 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भेजा है। संघ ने सरकार से कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर आदेश जारी करने की मांग की है।
17 अगस्त 2026 को जारी ज्ञापन में कर्मचारी संघ ने कहा है कि प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों के निराकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है, जो भविष्य में आंदोलन का रूप ले सकता है।
संघ की प्रमुख मांगों में मध्यप्रदेश में पुरानी पेंशन योजना को पूर्व की तरह लागू करना तथा ग्रेच्युटी की सीमा केंद्र के समान 25 लाख रुपये किए जाने की मांग शामिल है। इसके साथ ही प्रदेश के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान महंगाई भत्ता देने की मांग की गई है।
ज्ञापन में शिक्षा विभाग एवं आदिम जाति कार्य विभाग में नवीन शैक्षणिक संवर्ग की सेवा अवधि की गणना नियुक्ति दिनांक से करने, लिपिक संवर्ग को मंत्रालय के समान समयमान वेतनमान का लाभ देने तथा दो से अधिक संतान वाले कर्मचारियों के संबंध में लागू आदेश को निरस्त करने की मांग भी उठाई गई है।
आदिवासी बहुल डिंडौरी जिले में शिक्षा और आदिम जाति कार्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों की बड़ी संख्या को देखते हुए नवीन शैक्षणिक संवर्ग की सेवा अवधि, पदोन्नति और वेतन संबंधी मांगें महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। संघ ने सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों को वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर पदोन्नति देने तथा पदोन्नति के बाद विभागीय बीएड कराने की मांग रखी है।
इसके अलावा दैनिक वेतनभोगी, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने, रिक्त पदों पर सीधी भर्ती करने, वाहन चालकों की नियमित भर्ती करने, पंचायत सचिवों का संविलियन पंचायत विभाग में करने तथा कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों के निराकरण के लिए वेतन आयोग गठित करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों का शीघ्र निराकरण करने, लंबे समय से नियमित पदों के विरुद्ध कार्यरत कर्मचारियों को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता एवं महंगाई भत्ते का लाभ देने तथा नेत्र चिकित्सा सहायकों का पदनाम बदलकर नेत्र चिकित्सा अधिकारी किए जाने की मांग रखी गई है।
बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पदोन्नति संबंधी नियमों में संशोधन, एएनएम को प्रशिक्षण के बाद पदोन्नति का प्रावधान तथा आयुष संचालनालय में वर्ष 2002-03 में रिक्त पदों के विरुद्ध हुई संविदा नियुक्तियों को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता का लाभ देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
संघ ने प्रदेश के सभी विभागों में अनुकंपा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों का तत्काल निराकरण करने तथा सीपीसीटी परीक्षा संबंधी नियमों में संशोधन की मांग की है। परिवार पेंशन के लिए पात्र सेवा अवधि को 33 वर्ष से घटाकर 25 वर्ष करने की मांग भी की गई है।
ज्ञापन के अंत में संघ ने मुख्य सचिव स्तर की परामर्शदात्री समिति की बैठक शीघ्र आयोजित कर कर्मचारियों की मांगों पर निर्णय लेने और आदेश जारी करने का आग्रह किया है।
डिंडौरी कलेक्टर के माध्यम से सौंपे गए इस 23 सूत्रीय ज्ञापन से जिले के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की लंबित समस्याओं को एक बार फिर प्रशासन और शासन के सामने प्रमुखता से रखा गया है। अब कर्मचारियों को सरकार के निर्णय का इंतजार है।


