आई विटनेस न्यूज 24, गुरुवार 20 अगस्त,जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति बनी हुई है। ऐसे हालात में समनापुर क्षेत्र के खरमेर पुल पर पानी के तेज बहाव के बीच एक ट्रक को पुल पार कराते हुए देखे जाने का मामला सामने आया है। इसका वीडियो भी आमजन के कैमरे में कैद हुआ है, जिसने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के चलते क्षेत्र के नदी-नाले उफान पर हैं और कई स्थानों पर पुल-पुलियों के ऊपर पानी बह रहा है। इसके बावजूद खरमेर पुल पर पानी के बीच ट्रक को पार कराया गया। तेज बहाव के दौरान पुल पार करने की यह कोशिश किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती थी। यदि पानी का बहाव अचानक बढ़ जाता तो वाहन के बहने अथवा उसमें सवार लोगों की जान को खतरा हो सकता था।
इससे पहले शहपुरा-मंडला मार्ग पर बिछिया में महानदी के पुल के ऊपर पानी का तेज बहाव होने के बावजूद यात्री बस को पुल पार कराने का मामला सामने आया था। मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बस चालक एवं कंडक्टर के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया था तथा बस को जब्त कर लिया गया था।
लगातार बारिश के बीच इस तरह की घटनाएं सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि जब प्रशासन द्वारा जलभराव वाले पुल-पुलियों को पार नहीं करने की स्पष्ट चेतावनी दी जा रही है, तो फिर ऐसे स्थानों पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी निगरानी क्यों नहीं हो पा रही है।
जिले में लगातार बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा आमजन से सतर्कता बरतने की अपील की गई है। प्रशासन द्वारा लोगों से कहा गया है कि जिन पुल-पुलियों के ऊपर पानी बह रहा हो, उन्हें किसी भी परिस्थिति में पार करने का प्रयास न करें।
डिंडौरी पुलिस भी लगातार लोगों को चेतावनी दे रही है कि पुल के ऊपर पानी बहने की स्थिति में वाहन लेकर उसे पार करना बेहद जोखिमपूर्ण है। इसके बावजूद यदि भारी वाहन चालक ऐसे पुलों को पार करते हैं तो उन पर कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।
बारिश के दौरान एक छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में खरमेर पुल की घटना के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि जलमग्न पुल-पुलियों पर आवाजाही रोकने के लिए केवल अपील नहीं, बल्कि मौके पर प्रभावी निगरानी और सख्ती भी सुनिश्चित की जाए।


