दो माह से डिजिटल सिग्नेचर सत्यापन लंबित होने का आरोप, 15वें-16वें वित्त सहित निर्माण कार्य प्रभावित; 45 किमी दूर से जनपद के चक्कर लगाने का दावा
आई विटनेस न्यूज 24, बुधवार 23 सितम्बर,ग्राम पंचायत सारंगपुर पड़रिया में डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) के सत्यापन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पंचायत के सरपंच टेक सिंह परस्ते ने जनपद पंचायत के कर्मचारियों पर डीएससी सत्यापन के नाम पर दो माह से टालमटोल करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इसके कारण पंचायत के कई विकास एवं निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सरपंच ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द डीएससी का सत्यापन नहीं हुआ और पंचायत में निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सके, तो वे सरपंच पद से इस्तीफा देने पर मजबूर होंगे।
सरपंच टेक सिंह परस्ते के अनुसार उनका डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट करीब दो माह पहले एक्सपायर हो गया था। उन्होंने नया डीएससी बनवाकर सत्यापन के लिए जनपद पंचायत में जमा कर दिया, लेकिन अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। उनका आरोप है कि उन्हें लगातार आज-कल के नाम पर जनपद कार्यालय के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। पंचायत मुख्यालय से जनपद की दूरी करीब 45 किलोमीटर होने के बावजूद उन्हें बार-बार आना पड़ रहा है।
सरपंच ने बताया कि परिवार में गमी हो गई है, इसके बावजूद पंचायत के कामकाज को लेकर ग्रामीणों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीण उनसे निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग कर रहे हैं, जबकि डीएससी सत्यापन लंबित होने के कारण पंचायत स्तर पर कई प्रक्रियाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
सरपंच के मुताबिक पंचायत में 15वें वित्त, 5वें वित्त और 16वें वित्त से संबंधित कार्य प्रभावित हैं। इनमें सीसी रोड निर्माण, बाउंड्रीवॉल, पुलिया निर्माण तथा अन्य स्वीकृत निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके अलावा अप्रैल से श्री राम जी योजना के तहत खुले निर्माण कार्यों में भी अब तक अपेक्षित गति से काम शुरू नहीं हो पाया है।
सरपंच का आरोप है कि पंचायत के ऑपरेटर द्वारा डीएससी से संबंधित प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है। वहीं इंजीनियरों के स्तर पर भी निर्माण कार्यों की फाइल तैयार नहीं होने की बात कही जा रही है। उनका कहना है कि इस स्थिति का सीधा असर ग्राम पंचायत के विकास कार्यों और ग्रामीणों को मिलने वाले रोजगार पर पड़ रहा है।
टेक सिंह परस्ते ने बताया कि उन्होंने मामले की शिकायत जनपद पंचायत के सीईओ से भी की है। उनके अनुसार सीईओ स्तर से शिकायत पर हस्ताक्षर भी किए गए, लेकिन इसके बावजूद डीएससी सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। सरपंच का कहना है कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि आखिर किस स्तर पर उनकी फाइल रोकी गई है और इसमें इतनी देरी क्यों की जा रही है।
सरपंच ने कलेक्टर से मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि डीएससी का सत्यापन शीघ्र कराया जाए, ताकि पंचायत के रुके हुए निर्माण कार्य शुरू हो सकें और ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
ग्राम पंचायत के पंच टीकाराम चक्रवर्ती ने भी पंचायत में विकास कार्य प्रभावित होने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत में रोजगार गारंटी, सीसी रोड और बाउंड्रीवॉल सहित विभिन्न विकास कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। पंच ने जनपद स्तर पर पंचायत को परेशान किए जाने के आरोप लगाते हुए कहा कि यदि पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सरपंच के साथ सभी पंच भी इस्तीफा देने पर विचार करेंगे।
पंच का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच विकास कार्यों का जवाब देना पड़ता है, लेकिन यदि पंचायत स्तर की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं समय पर पूरी नहीं होंगी तो इसका खामियाजा सरपंच, पंच और ग्रामीणों को भुगतना पड़ेगा।
सरपंच टेक सिंह परस्ते ने स्पष्ट कहा कि उनका उद्देश्य पंचायत में विकास कार्य कराना और ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना है। यदि डीएससी सत्यापन के कारण पंचायत के कार्य इसी तरह अटके रहे और जनता को काम नहीं मिला तो वे सरपंच पद से इस्तीफा देने का निर्णय ले सकते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर डीएससी सत्यापन सहित पंचायत के लंबित कार्यों को गति देने की मांग की है।

