शव डिंडौरी लाने की मांग पर सड़क पर बैठे परिजन, अधिकारियों की समझाइश के बाद जबलपुर रवाना हुए परिजन
आई विटनेस न्यूज 24, बुधवार 21 अक्टूबर,जबलपुर मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिला अनीता और उसके नवजात बच्चे की मौत के बाद बुधवार शाम डिंडौरी में परिजनों का आक्रोश सामने आया। दोनों के शव डिंडौरी लाने की मांग को लेकर परिजनों ने जिला अस्पताल के सामने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद अधिकारियों की समझाइश और जबलपुर जाने के लिए वाहन की व्यवस्था किए जाने पर परिजन चक्काजाम समाप्त कर जबलपुर रवाना हुए।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, 26 वर्षीय नवविवाहिता अनीता को प्रसव के लिए डिंडौरी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार रात महिला की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। परिजनों के मुताबिक, जबलपुर में उपचार के दौरान अनीता और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। मां और बच्चे की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में शोक छा गया।
मौत की सूचना के बाद परिजन दोनों के शव डिंडौरी लाने की मांग करने लगे। इसी मांग को लेकर बुधवार शाम जिला अस्पताल के सामने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। परिजनों का कहना था कि वे मृतका और नवजात के शव डिंडौरी लाना चाहते हैं। चक्काजाम की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद नागपुरे ने परिजनों को बताया कि मृतका नवविवाहिता थी। ऐसे में मामले में मर्ग कायम कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई, पोस्टमार्टम और जांच की प्रक्रिया जबलपुर में पूरी की जानी है। इसके लिए मायके पक्ष के परिजनों की मौजूदगी जरूरी है। अधिकारियों ने परिजनों को जबलपुर जाने के लिए वाहन उपलब्ध कराया। इसके बाद करीब एक घंटे बाद चक्काजाम समाप्त हुआ और परिजन जबलपुर के लिए रवाना हो गए।
घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर कांग्रेस विधायक ओमकार मरकाम सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए समझाइश दी। सीएम नितिन डॉ. मनोज पांडे ने बताया कि अस्पताल की ओर से जबलपुर जाने के लिए वाहन की व्यवस्था की गई थी, लेकिन परिजन पहले जाने के लिए तैयार नहीं थे। बाद में समझाइश के बाद वे जबलपुर रवाना हुए।
फिलहाल, अनीता और उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई और जांच जबलपुर में की जानी है।



