अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारी 65 साल की आयु तक काम कर सकेंगे। हालांकि उन्हें सेवारत कर्मचारियों की तरह सारे भत्ते तो नहीं मिलेंगे लेकिन यदि उन्हें किसी काम से टूर पर भेजा जाएगा तो बकायदा यात्रा का भत्ता, टीए-डीए दिया जाएगा। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग DoPT ने इस बारे में एक सचिवों की समिति का गठन किया है। इसका एक ड्राफ्ट भी तैयार किया जा रहा है।
ये होंगे लीव, भत्तों, वेतन और कार्यकाल के नियम
उदाहरण के लिए यदि किसी कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के समय 1 लाख 55 हजार 900 रुपए का वेतन मिला था तो उसकी मूल पेंशन 77 हजार 950 रुपए हो गई थी। अब नई अनुबंध वाली नौकरी में उसे 77 हजार 950 रुपए का फिक्स मानेदय दिया जाएगा। इस सेवा की अवधि एक साल की होगी। इस दौरान उन्हें इंक्रीमेंट या महंगाई भत्ते का लाभ नहीं दिया जाएगा। गृह भत्ता भी नहीं मिलेगा। वे एक महीने में डेढ़ दिन का अवकाश ले सकेंगे। यदि उनका कार्यकाल ठीक पाया गया तो सेवाकाल में इजाफा करते हुए एक साल का विस्तार दिया जा सकता है। सेवानिवृत्ति के बाद यह अवधि 5 साल से अधिक समय के लिए नहीं बढ़ाई जाएगी। जब तक DoPT का अंतिम ड्राफ्ट बनकर सामने नहीं आ जाता, तब तक केंद्र सरकार इन नियुक्तियों के संबंध में नियमों को बदल सकती है।
