बीते नगरीय चुनाव में भोपाल से महापौर का पद अनारक्षित था। इसके अलावा इंदौर नगर निगम महापौर का पद अनारक्षित किया गया है। बीते चुनाव में यह पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित किया गया था। इसके अलावा ग्वालियर से अनारक्षित महिला व जबलपुर महापौर अनारक्षित हो गया है। कार्रवाई के दौरान नगरीय विकास एवं आवास विभाग आयुक्त निकुंज श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
नगर निगम पद आरक्षण बीते निकाय चुनाव में
भोपाल पिछड़ा वर्ग महिला अनारक्षित
इंदौर अनारक्षित पिछड़ा वर्ग महिला
जबलपुर अनारक्षित अनारक्षित महिला
ग्वालियर अनारक्षित महिला अनारक्षित रीवा अनारक्षित अनारक्षित महिला
सिंगरौली अनारक्षित
ये होंगे 16 नगर निगम महापौर
अनुसूचित जाति : मुरैना और उज्जैन (इसमें मुरैना महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है )
अनुसूचित जन जाति : छिंदवाड़ा आरक्षित ( मुक्त)।
ओबीसी : भोपाल और खंडवा, (महिला के लिए आरक्षित), सतना और रतलाम (मुक्त)।
जनरल : सागर, बुरहानपुर, देवास और कटनी और ग्वालियर (सामान्य महिला आरक्षित)।
जनरल : इंदौर, जबलपुर, रीवा और सिंगरोली (अनारक्षित)।
सामान्य वर्ग के लिए 53 नगर पालिका
सामान्य वर्ग के लिए मुक्त - सारंगपुर, सिवनी-मालवा, बेगमगंज, टीकमगढ़, नौगांव, पोरसा, अशोकनगर, डोंगर-परासिया, सीहोरा, कोतमा, पसान, सीधी, बड़नगर, गंजबासौदा, नरसिंहगढ़, सिहोर, पीथमपुर, बड़वाह, नरसिंहपुर, सेंधवा, गाडरवारा, अनूपपुर, आगर, शाजापुर, उमरिया, दमोह और खाचरोद।
सामान्य महिला के लिए आरक्षित - बैतूल, विदिशा, राजगढ़, पिपरिया, गढ़ाकोटा, पन्ना, खरगोन, बालाघाट, नैनपुर, धनपुरी, महिदपुर, शिवपुरी, बैरसिया, मुलताई, देवरी, दतिया, गुना, वारासिवनी, चौरई, सौसर, अमरवाड़ा, करेली, नीमच, अंबाह, मंडीदीप, शुजालपुर।
ओबीसी के लिए 25 पद आरक्षित किए गए हैंं, इसमें से सबलगढ़, धारा, आष्टा, रायसेन, सिरोंज, होशंगाबाद, छतरपुर, शहडोल, पन्ना, राधौगढ़, मंदसौर, जुन्नारदेव, मनावर, मैहर, सनावद, श्योपुर कलां, सिवनी, मंडला, ब्यावरा, रहली, पाढूंर्णा, इटारसी, जावरा और नेपानगर नगर पालिका ओबीसी के लिए आरक्षित कर दी गई है।
बता दें कि वर्ष 1983 से 1999 तक महापौर का चुनाव पार्षद द्वारा किया जाता था। इसके बाद सरकार द्वारा फेरबदल किए गए और महापौर का चुनाव सीधे जनता द्वारा कराए जाने लगा। 2018-19 में महापौर चुनाव को लेकर कमलनाथ सरकार ने फिर फेरबदल किए। वापस पार्षदों द्वारा ही चुनाव कराने का नोटिफिकेशन जारी किया गया। वर्ष 1999-2000 में जनता के माध्यम से पहली बार चुन कर विभा पटेल महापौर बनी थीं। विभा के अलावा जनता द्वारा तीन अन्य महापौर चुने जा चुके हैं। इसमें सुनील सूद, कृष्णा गौर और वर्तमान महापौर आलोक शर्मा हैं। इसमें जनता द्वारा दो कांग्रेस और दो भाजपा के मेयर रहे हैं।
