उज्जैन में केमिकल फैक्टरी पर छापा मारकर प्रशासन ने दवाइयों के रॉ-मटेरियल को बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल को बड़ी मात्रा में जब्त किया। जब्त केमिकल को फैक्टरी मालिक की ही सुपुर्दगी में दिया गया है। साथ ही यह निर्देश है कि जब तक केमिकल से संबंधित कागजात कलेक्टर कार्यालय में पेश नहीं करते तब तक उसका इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। इसकी कीमत करीब 8.72 लाख रुपए आंकी जा रही है।
एडीएम नरेंद्र सूर्यवंशी ने बताया कि मंगलवार शाम को नागझिरी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ओंकार केमिकल्स में छापा मारा गया। वहां पर ड्रमों में मेथनॉल, एसीटोन, क्लोरोफॉर्म और सोडियम हाइडॉक्साइड रासायनिक पदार्थ मिले। इनका उपयोग दवाइयों में इस्तेमाल होने वाले रॉ-मटेरियल को बनाने के रूप में किया जाता है। उन्होंने बताया कि मौके पर फैक्टरी संचालक हेमंत छारी की ओर से कलेक्टर द्वारा जारी किए जाने वाला प्वॉइजन एक्ट के तहत लाइसेंस पेश नहीं किया गया। इसलिए रासायनिक पदार्थों को जब्त कर लिया गया। जब्त माल को फैक्टरी संचालक की ही अभिरक्षा में दिया गया है। उन्हें यह भी निर्देश दिया गया है कि जब तक कागजात प्रस्तुत नहीं करते तब तक जब्त रासायनिक पदार्थों का उपयोग नहीं कर सकते हैं।
मेथनॉल का उपयोग जहरीली शराब में होता है
फूड सेफ्टी अफसर बीएस देवलिया ने बताया कि मेथनॉल का इस्तेमाल अवैध शराब बनाने वाले तस्कर जहरीली शराब बनाने में करते हैं। उज्जैन और मुरैना में शराब से हुई मौतों में मेथनॉल के इस्तेमाल होने की खबर है। इसलिए उज्जैन में भी केमिकल उद्योगों में लगातार जांच की जा रही है।
मेथेनॉल का उपयोग विगत दिनों जहरीली शराब बनाने में होना पाया गया है । इसी तरह 10000 लीटर एसीटोन और 1000 लीटर क्लोरोफार्म भी पाया गया जिसके लिए एम.पी. पॉयजन रूल्स के तहत अनुज्ञप्ति आवश्यक हैं । बगैर अनुज्ञप्ति भण्डार होने से मोके पर भण्डारित मेथेनॉल , क्लोरोफार्म और एसीटोन जप्त किया गया । फेक्ट्री मालिक को सुसंगत दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश प्रदान किये गए ।
