राजेन्द्र तन्तव्य की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, डिण्डौरी भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष वी.डी. शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत व प्रदेश सह-संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के निर्देशानुसार व संभागीय संगठनमंत्री शैलेन्द्र बरूआ के मार्गदर्शन मे एवं भाजपा जिलाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह राजपूत के नेतृत्व मे जिले के सभी 09 थानों मे पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ के खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज करने के लिए आवेदन पत्र दिया गया है। जिसमे उल्लेख किया गया है कि आज हमारे देश सहित सम्पूर्ण विश्व के सभी देश एकजुट होकर चीन द्वारा फैलाये गये कोरोना वायरस की महामारी से लड़ रहे है, आज भारत मे प्रधानमंत्री के नेतृत्व देश का प्रत्येक नागरिक सरकार के कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष कर रहा है, जिसमे डॉक्टर्स, नर्सेस, पुलिसकर्मी, शासन व प्रशासन के प्रत्येक व्यक्ति, कई सामाजिक संगठन एवं कई राजनैतिक दल भी इस वैश्विक महामारी के दौरान एकजुट है। ऐसे समय मे सरकार के खिलाफ देश की जनता को भ्रमित कर आक्रोश एवं आरजकता फैलाकर देश की सार्वजनिक शांति भंग करने के उद्देश्य से शासन के आदेश का उल्लंघन कर निजी स्वार्थ हेतु कांग्रेस की दूषित मानसिकता का परिचय देते हुए कमलनाथ द्वारा एक वीडियो जारी कर स्पष्ट रूप से चायनीज कोरोना को इंडियन कोरोना कहा गया है, उक्त बयान भारत की अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर छवि बिगाड़ने वाला है, साथ ही यह आम नागरिकों के बीच भय का माहौल भी पैदा करता है। उनका यह भी कहना है कि सरकार लाखों लोगों की मौत का आकड़ा छुपा रही है जो कि बेहद आपत्तिजनक व भय का वातावरण फैलाने वाला है। मध्यप्रदेश की हर जिले में धारा 144 के तहत आदेश पारित कर भय फैलाने वालों, सोशल मीडिया का दुरूप्रयोग करने वालों के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिये गये है। ऐसे मे पूर्व मुख्यमंत्री का बयान भय और अशांति फैलाने वाला है। यह कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के हित मे डी.ए.पी. के भाव कम करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, लेकिन इसका सही संदेश लोगों तक न पहुॅचे विशेषकर किसानों तक न पहुंचे, इसलिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने विधायको के साथ हुई वर्चुअल मीटिंग मे आग लगाने की बात कहकर कानून और शांति व्यवस्था को भंग करने का काम किया है। उनका यह आग लगाने का बयान देश की जनता और किसानों को सरकार के खिलाफ भ्रमित कर आक्रोश एवं अराजकता फैलाकर देश की सार्वजानिक शांति भंग करने एवं आमजन को भड़काकर सरकार के खिलाफ अवैधानिक कदम उठाने हेतु उकसाये जाने एवं दंगा भड़काये जाने के उद्देश्य से किया गया है जिसकी जानकारी हमें जनता के बीच जाकर उनसे बात करने पर प्राप्त हुई, जो कि स्पष्ट रूप से देशद्रोह की श्रेणी में आकर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 124 (।), 505 (1), 153 ( ।) एवं 188 के तहत दण्डनीय है। एक ही समय में चायनीज कोरोना को इडियन कोरोना, मौत के झूठे आकड़े और विधायको को आग लगाने के लिए प्रेरित करना किसी बड़ी साजिश की रणनीति का हिस्सा लगता है, कमलनाथ जी के यह बयान भड़काउ होकर अशांति फैलाने वाले और डराने वाले हैं। यदि शीघ्र इनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही नही की गई तो प्रदेश मे कानून व्यवस्था निश्चित रूप से बिगड़ जायेगी। उक्त अत्यंत घृणित एवं आपराधिक कृत्य किये जाने के कारण कमलनाथ जी पर तत्काल प्रकरण दर्ज कर सख्त से सख्त कार्यवाही करने की मांग की गई है। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह राजपूत, जिलामंत्री एवं नगर परिषद उपाध्यक्ष महेश सिंह पाराशर, जिला मंत्री प्रीतम सिंह मरावी, जिला कोषाध्यक्ष अवधराज बिलैया, जिला उपाध्यक्ष दिलीप ताम्रकार, मण्डल अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह ठाकुर, दशरथ सिंह राठौर, स्वपनिल छैतीजा, हेमसिंह राजपूत, राजकुमार मोंगरे, कृष्णकुमार मिश्रा, बीरेन्द्र साहू, घनश्याम कछवाहा, अश्वनी चौरासिया, सुशील राय, मनोहर ठाकुर, सियाराम साहू, राजेन्द्र तंतवाय, राजकुमार साहू, प्रमोद साहू, सुरेन्द्र साहू, सुदामा बर्मन, गजेन्द्र ठाकुर, अनिल साहू, भारत राजपूत, अशोक संत, राजेश गुप्ता, रामानुज राव, कलाम खान, बृजभूषण राजपूत, खिलेश्वर तिवारी, सतेन्द्र जैन, सौरभ गुप्ता, कमलेश पटैरिया, ओमप्रकाश साहू, सहित कार्यकर्तागण मोजूद रहें।
