पंजाब मे प्रधानमंत्री की सुरक्षा मे हुई चूक को लेकर किया धरना
आई विटनेस न्यूज 24,शुक्रवार 7 जानवरी 2022,भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विगत दिवस पंजाब यात्रा फिरोजपुर में रैली हेतू अपेक्षित थे। प्रधानमंत्री राष्ट्र गौरव व जन-जन के नेता है करोड़ो लोगों की उन पर आस्था है, उन पर विष्वास है। जननायक प्रधानमंत्री राष्ट्र नायक के रूप में देखे जाते है। प्रधानमंत्री जब फिरोजपुर (पंजाब) में यात्रा पर थे तब हुसैनीवाला में राष्ट्रीय शहीद स्मारक से लगभग 30 किलामीटर दूर जब प्रधानमंत्री का काफिला एक फ्लाई ओवर पर पहुंचा, तो वहां कुछ प्रदर्षन कारियों ने सड़क को अवरूद्ध कर दिया। उक्त वर्णित प्रदर्षन व मार्ग को अवरूद्ध कर दिए जाने से प्रधानमंत्री का काफिला 15 से 20 मिनट तक फ्लाई ओवर पर फंसा रहा। यहां यह अत्यधिक महत्वपूर्ण तथ्य है कि हुसैनीवाला पाकिस्तान से लगी सीमा पर स्थित है व प्रधानमंत्री शहीद भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरू को श्रद्धासुमन अर्पित करने के पश्चात पंजाब के लिए 5 बड़े प्रोजेक्टों का उद्घाटन करने वाले थे। हुसैनीवाला में प्रधानमंत्री के काफिले का मार्ग अवरूद्ध किया जाना कोई सामान्य घटना न होकर किसी गहरा षडयंत्र का हिस्सा प्रतीत होती है जो ना केवल माननीय प्रधानमंत्री जी के प्राणों पर संकट इंगित करती है अपितु भारत की सुरक्षा एवं संप्रभुता पर आक्रमण किए जाने के प्रयास पर इषारा करती है। इसी तारतम्य मे भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वी.डी. शर्मा के निर्देशानुसार व भाजपा जिलाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह राजपूत के नेतृत्व मे गांधी चैक मे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने 02 घंटे का मौन धारण कर प्रदर्शन किया। साथ ही भाजपा द्वारा कड़ी कार्यवाही की मांग करते हुए माननीय राज्यपाल महोदय के नाम अपर कलेक्टर अरूण विश्वकर्मा को ज्ञापन सौंपा जिसमे उल्लेखित किया है कि किसी राष्ट्र नायक के प्राणों को संकट में डालने का कुत्सित प्रयास राष्ट्रदोही ताकतें ही कर सकती हैं। पंजाब सरकार की असक्षमता का सबसे बड़ा उदाहरण नहीं हो सकता। किसी प्रदेष का मुख्यमंत्री ऐसी घड़ी में कैसे आंखे मूंद सकता है। पंजाब सरकार का यह कृत्य समस्त राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन तो है ही पर उसके राष्ट्र विरोधी चरित्र को भी उजागर करता है। देष के प्रधानमंत्री के आगमन पर कुछ मर्यादा षिष्टाचार का पालन करना होता है। किन्तु पंजाब सरकार द्वारा इस सबको ताक पर रखकर प्रधानमंत्री की मान मार्यादा व सुरक्षा को संकट में डाला है। इस संकट का असर अन्र्तराष्ट्रीय पटल पर भारत के गौरवषाली इतिहास को कलंकित करता है। इस घिनौने तथ्य को शब्दों के मायाजाल में उलझाकर भूलाया नहीं जा सकता, यह घटना कई करोड़ भारतीय लोगों के विष्वास पर एक कुठाराघात है। यह न केवल निंदनीय है वरन जांच का विषय भी है, देष के गौरव का प्रष्न है, इस समुचे घटनाक्रम की जांच करवाया जाना देषहित में अत्यंत आवष्यक है और उससे भी ज्यादा आवष्यक दोषियों को सजा देना है। राष्ट्र के प्रति हुई इस गंभीर भूल, षडयंत्र की जांच कर खुलासा करना आवष्यक है ताकि ना केवल दोषियों को दंडित किया जावे बल्कि भविष्य में ऐसी कोई घटना घटित न हो। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह राजपूत, वरिष्ठ नेता कैलाशचंद जैन, तुलसीराम कटैहा, के.के. सोनी, राजेन्द्र पाठक, अजजा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह तेकाम, पूर्व विधायक दुलीचंद उरैती, जिला महामंत्री जयसिंह मरावी, अवध राज बिलैया, जिला व नगर परिषद उपाध्यक्ष महेश पाराशर, जिला उपाध्यक्ष मनोहर सिंह ठाकुर, सुशीला मार्को, जिला मीडिया प्रभारी सुधीरदत्त तिवारी, जिला कार्यालय मंत्री पुनीत जैन, मण्डल अध्यक्ष लक्ष्मणसिंह ठाकुर, महिलामोर्चा जिलाध्यक्ष नरवदिया मरकाम, अजजा मोर्चा जिलाध्यक्ष महेश धुमकेती, युवामोर्चा जिलाध्यक्ष अविनाश छावड़ा, अजा मोर्चा जिलाध्यक्ष परसराम नागेश, आशीष सोनी, कुवंरिया मरावी, पुरूषोत्तम विश्वकर्मा, मोहनसिंह राठौर, अशोक सरैया, योगेश सरैया, देवेन्द्र पाण्डे, वीरेन्द्र कांसकार, प्रेमसिंह धुर्वे, निशांत प्रशनानी, पीताम्बर पाराशर, परसराम पाराशर, अभिषेक साहू, तरूण ठाकुर, शिवदयाल इटौरिया, राधेश्याम मरावी, प्रियंका धुमकेती, सम्पतिया धुमकेती, सिलोचना, सुषमा, संतोषी, पार्वती, उर्मिला, समलिया, दुर्गाबाई, फुलाबाई, चिंरौजा बाई, श्यामसिंह परस्ते सहित कार्यकर्तागण उपस्थित रहें।
