आई विटनेस न्यूज 24, शुक्रवार 11 फरवरी,शहपुरा प्रदेश के आवाहन पर जिला अध्यक्ष नरेंद्र राजपूत के मार्गदर्शन में मंडल अध्यक्ष घनश्याम कछवाहा शहपुरा के नेतृत्व में करौंदी ,बांकी बूथ में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि मनाई गई ,इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता श्याम गुप्ता ने पंडित जी के जीवन मे प्रकाश डालते हुय बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितम्बर 1916 को मथुरा जिले के "नगला चन्द्रभान" ग्राम में हुआ था। उनके पिता का नाम भगवती प्रसाद उपाध्याय था, जो नगला चंद्रभान (फरह, मथुरा) के निवासी थे। उनकी माता का नाम रामप्यारी था, जो धार्मिक प्रवृत्ति की थीं। पिता रेलवे में जलेसर रोड स्टेशन के सहायक स्टेशन मास्टर थे। रेल की नौकरी होने के कारण उनके पिता का अधिक समय बाहर ही बीतता था। कभी-कभी छुट्टी मिलने पर ही घर आते थे। 21 अक्टूबर 1951 को डॉ० श्यामाप्रसाद मुखर्जी की अध्यक्षता में 'भारतीय जनसंघ' की स्थापना हुई। गुरुजी (गोलवलकर जी) की प्रेरणा इसमें निहित थी। 1952 में इसका प्रथम अधिवेशन कानपुर में हुआ। उपाध्याय जी इस दल के महामंत्री बने। इस अधिवेशन में पारित 15 प्रस्तावों में से 7 उपाध्याय जी ने प्रस्तुत किये। डॉ० मुखर्जी ने उनकी कार्यकुशलता और क्षमता से प्रभावित होकर कहा- "यदि मुझे दो दीनदयाल मिल जाएं, तो मैं भारतीय राजनीति का नक्शा बदल दूँ।"
1967 तक उपाध्याय जी भारतीय जनसंघ के महामंत्री रहे। 1967 में कालीकट अधिवेशन में उपाध्याय जी भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। वह मात्र 43 दिन जनसंघ के अध्यक्ष रहे। 10/11 फरवरी 1968 की रात्रि में मुगलसराय स्टेशन पर उनकी हत्या कर दी गई। 11 फरवरी को प्रातः पौने चार बजे सहायक स्टेशन मास्टर को खंभा नं० 1276 के पास कंकड़ पर पड़ी हुई लाश की सूचना मिली। शव प्लेटफार्म पर रखा गया तो लोगों की भीड़ में से चिल्लाया- "अरे, यह तो भारतीय संघ के अध्यक्ष दीन दयाल उपाध्याय हैं।" पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गयी ,कार्यक्रम के दौरान बसंत गुप्ता बरिष्ठ नेता,महामंत्री सुरेन्द्र साहू,उपाध्यक्ष विष्णु साहू,अरविंद श्रीवास्तव, तेजीराम साहू,भुता साहू,श्याम सुन्दर साहू,पवन साहू,सुखीराम साहू,बूथ अध्यक्ष, आशीष कुमार गौतम मीडिया प्रभारी मौजूद रहे।
