बिलगांव सिंचाई जलाशय में रखी गयी बैठक में समितियों के मतभेद से
आई विटनेस न्यूज 24, शुक्रवार 11 फरवरी,डिंडोरी जिले के सबसे बड़े डेम बिलगांव सिंचाई जलाशय में मत्स्य पालन हेतु रखी बैठक समितियों के अड़ियल रवैये के चलते किसी निष्कर्ष पर नही पहुँची।
वहीं एक पक्ष का आरोप है कि फर्जी मछुवारों की समिति का पंजीयन किया गया है।जबकि अधिकारियों की माने तो जिस समिति का पंजीयन है जब तक वो निरस्त नही होती दूसरा पंजीयन नही हो सकता।वहीं इस मामले को लेकर विपक्षी समिति ने माननीय न्यालय में रिट दायर की है।जिसमे अभी तक कोई स्थगन आदेश नही आया है।
यदि न्यायालय पंजीयन निरस्त करता है तभी दोबारा पंजीयन होगा,और अभी जिस समिति का पंजीयन है उसमें सभी वर्ग और जाति के लोग है।और डूब प्रभावित क्षेत्रों के लोग भी सदस्य है।जो नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के अनुकूल है।
वही विपक्षी समिति का आरोप है कि जांच दल द्वारा मछुवारों की कोई बात न सुनते हुए फर्जी संस्था का पक्ष करते अधिकारी नजर आए।और विलगांव के परंपरागत मछुवारों को उनके पुस्तैनी व्यवसाय से बेदखल करने के लिए उस फर्जी संस्था को जलाशय आबंटित किया गया है।
इनका कहना है
जिस समिति को अभी जलाशय आंबटित किया गया है उसमें डूब प्रभावित सभी ग्रामो के लोगो को लिया गया है जिसमें वंशानुगत मछुआरे जैसे ढीमर शामिल है साथ ही अनूसूचित जाति ,जनजाति सभी वर्ग के लोगो को शामिल किया गया है साथ ही दूसरा पक्ष इसी बात पर अडा है कि जलाशय उनको दे दिया जाए पर यह अभी संभव नहीं है साथ ही दूसरे पक्ष के द्वारा उच्च न्यायालय में केश तो लगाया गया है परन्तू किसी भी प्रकार का स्थगन अभी नहीं मिला है पूरे मामले में प्रतिवेदन तैयार कर जिला पंचायत भेजेगें वहीं से पटटा मिलेगा साथ ही इस जलाशय में सिर्फ एक ही समिति रजिस्टर्ड हो सकती है।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व काजल जावला
