आई विटनेस न्यूज 24, बुधवार 9 फरवरी, मध्य प्रदेश शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा लाखों रुपए खर्च करके आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों के लिए मुख्यालय में ही निवास करने के लिए आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक भवन का निर्माण कराया गया था! किंतु इन नियुक्त पर्यवेक्षकों के द्वारा ना तो निर्मित पर्यवेक्षक भवन में निवास किया जाता है, और ना ही उनकी देखरेख की जाती है, एक ताजा मामला डिंडोरी जिले के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मुड़िया कला से आया है,
जहां निर्मित आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक भवन मैं नियुक्त आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक श्रीमती रजनी परस्ते के द्वारा ना तो निवास किया जा रहा है, और ना ही उसकी देखरेख की जाती है! जिसका परिणाम यह है कि उक्त आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक भवन खंडहर में तब्दील हो गया है!गौरतलब है कि शासन के द्वारा समय-समय में दिशा निर्देश जारी करते हुए शासकीय कर्मचारियों को मुख्यालय में अनिवार्यता रहने के लिए आदेशित किया जाता है, किंतु कर्मचारियों के द्वारा शासकीय नियमों को दरकिनार करते हुए भौतिक सुख-सुविधाओं से युक्त चकाचौंध शहरों में निवास करते हैं ,
ग्रामीणों का कहना है कि उक्त भवन में अगर कर्मचारी नहीं रहना चाहते हैं, तो किसी गरीब- ग्रामीण को यह भवन क्यों नहीं दिया दे दिया जाता है!
