आई विटनेस न्यूज 24 डिंडोरी वन अमले ने नाटक के माध्यम से बालिकाओं को जंगल और जंगली जानवरों के महत्व की जानकारी प्रदान की और घरेलू ईंधन निस्तार हेतु हरेभरे बृक्षों को काटने की जगह जंगल मे बेकार पड़ी सूखी लकड़ी की उपयोग की नसीहत देकर जागरूक किया। मंगलवार को सामान्य वनमंडल परिक्षेत्र डिंडोरी अंतर्गत वनग्राम रानीबुढार बीट में द्वितीय अनुभूति कार्यक्रम के आयोजन का,जहाँ वन अधिकारियों ने 120 छात्राओं को वन और वन्यप्राणियों के साथ सकारात्मक रबैया अपनाने हेतु प्रेरित किया। इस दौरान कस्तूरबा कन्या शाला डिंडोरी के 120 से अधिक बालिकाओं के साथ साथ विद्यालय शिक्षकगण तथा रानीबुढर के अन्य वरिष्ठ जन मौजूद थे।प्राप्त जानकारी के मुताबिक मंगलवार को
अनुभूति कार्यक्रम के प्रथम चरण में आयोजन के उद्देश्य,सयुंक्त वन प्रबंधन,वन विभाग के कार्य, प्राकृतिक वातावरण में जीव और पक्षी दर्शन, विभिन्न प्रकार के वृक्षों की पहचान,उनके वैज्ञानिक नाम तथा औषधीय गुण की जानकारियाँ प्रदान की गईं।इस दौरान बच्चों एवं वन विभाग के स्टाफ द्वारा संयुक्त रूप से नाटक के माध्यम से बच्चों को जंगल में बाघ सहित अन्य मांसाहारी जीवों द्वारा मवेशियों का गारा (शिकार)किए जाने पर क्षतिपूर्ति हेतु आवेदन करने और मुआवजा प्रक्रिया की जानकारी से अवगत कराया गया। छात्राओं को बताया गया कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही जंगलों में आग लगने की आशंका बढ़ जाती है। लिहाज जंगल में आग जलते देख फौरन ही आग को बुझाने का प्रयास कर विभाग को सूचित करना चाहिये।इसके बाद चित्रकला प्रतियोगिता, पर्यावरण से संबंधित गीत के माध्यम से छात्राओं के ज्ञान को परखा गया।प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन वन परिक्षेत्र अधिकारी डिंडोरी भाग्यशाली सिंह,परिक्षेत्र सहायक प्रमोद दास पाटिल,वनरक्षक जसवंत घोसी,नीतेश धुर्वे,ज्योति धुर्वे, विमला मरावी और समस्त वन अमले ने किया।
