कोरे कागजों में बनकर रह गए प्रधानमंत्री आवास - i witness news live
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कोरे कागजों में बनकर रह गए प्रधानमंत्री आवास

इन भ्रष्टाचारियों को आखिर किसका मिल रहा है संरक्षण?
राजेश ठाकुर की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, बुधवार 30 मार्च,मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा दिनांक 29/03 /2022 दिन मंगलवार को बड़े ही धूमधाम से सभी प्रधानमंत्री आवास प्राप्त हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया गया, किंतु डिंडोरी जिले की तस्वीरें कुछ और ही बयां कर रही हैं,प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद डिंडोरी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत न्योसा मैं दर्जनों आवास अधूरे पड़े हैं, या कुछ आवासों का तो निर्माण ही नहीं किया गया है, और सरकारी दस्तावेजों में आवास पूर्ण बताकर प्रधानमंत्री आवास की सभी किस्मों का आहरण भ्रष्ट सचिव और रोजगार सहायक के द्वारा कर लिया गया है!
एक ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत सिलहरी का प्रकाश में आया था, जहां  के सचिव राजेश मसराम के द्वारा दर्जनों बैगा परिवार की महिलाओं से आवास की सारी किस्तों को धोखाधड़ी करते हुए हड़प कर ली गई थी, कुछ हितग्राहियों के द्वारा तो यहां तक बताया गया था, कि सचिव राजेश मसराम के द्वारा हमारे एटीएम को मांग कर हमारे खाते से सारा पैसा स्वयं निकाल लिया था, किंतु उन हितग्राहियों के आवास आज भी अधूरे पड़े हुए है, समाचार पत्रोंऔर मीडिया मैं खबरें प्रकाशित होने पर वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा नाम मात्र की कार्यवाही करते हुए, इन भ्रष्ट सचिव और रोजगार सहायकों को जीवनदान दे दिया जाता है!
डिंडोरी जिले के ही जनपद पंचायत करंजिया की ग्राम पंचायत  जारासुरंग में पीड़ितों के द्वारा जनसुनवाई में शिकायत करते हुए बताया गया, कि ग्राम पंचायत जारा सुरंग के सरपंच सचिव एवं रोजगार सहायक इन तीनों की मिलीभगत से मृत व्यक्तियों के नाम से प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करके फर्जी आधार कार्ड, समग्र आईडी और खाता नंबर का प्रयोग करते हुए मृत व्यक्तियों के नाम के आवास का सारा पैसा हड़प कर गए! और हकीकत में प्रधानमंत्री आवास जमीन में आज तक बना ही नहीं है!सोचने वाली बात तो यहां यह है कि जो लोग जिंदा है, कच्ची झोपड़ी में घास- फूस,पन्नी बांधकर रह रहै हैं, उन्हें आवास नहीं दिया जाता है, और जो लोग मृत हो चुके हैं, उनके आवास स्वीकृत करके राशियों का बंदरबांट किया जाता है!
जिले से लगे हुए ग्राम पंचायत निगवानी में गृह प्रवेश कार्यक्रम में ऐसे व्यक्तियों का भी गृह प्रवेश करवा दिया गया,जिनका आवास कंप्लीट हुआ ही नहीं है ,कलेक्टर रत्नाकर झा के द्वारा जिले में स्वीकृत सभी प्रधानमंत्री आवास के लिए जांच समिति का गठन तो कर दिया गया, किंतु जांच के उपरांत सामने निकल के आ रहे,भ्रष्ट सचिव और रोजगार सहायकों की ऊपर कोई कार्यवाही नहीं किया जाना! समझ से परे है, यहां एक कहावत सटीक चरितार्थ होती है, की *"राम की चिरैया और राम को खेत, खाओ री चिरैया भर भर पेट"*

Ashish Joshi

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ASHISH JOSHI | आई विटनेस न्यूज़ 24 के संचालक के रूप में, मेरी प्रतिबद्धता हमारे दर्शकों को सटीक, प्रभावशाली और समय पर समाचार प्रदान करने की है। मैं पत्रकारिता की गरिमा को बनाए रखते हुए हर खबर को सच के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूँ। आई विटनेस न्यूज़ 24 में, हमारा लक्ष्य है कि हम समाज को सशक्त और जोड़ने वाली आवाज़ बनें।