यदि गलत नही है तो मीडिया को देख क्यू घबराए,और मीडिया को अंदर जाने से क्यू रोका गया।
गोरेलाल हनुमंत के साथ अखलेश सोनी की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज़ 24, सोमवार 11 अप्रैल,डिंडोरी जिले में इन दिनों झोला छाप डॉक्टरों सहित आयुर्वेद के नाम पर आदिवासी जिले के भोले भाले लोगो को ठगने और लूटने में लगे तथाकथित लोगो पर आखिर कौन मेहरबान है?
आयुर्वेदिक दवाओं का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता, लेकिन आधुनिक आयुर्वेद के नाम पर दवा निर्माता कंपनियां चांदी कूटने के लिए जो दवाओं में केमिकल मिलाकर तैयार कर रही हैं, उनसे जनता के स्वास्थ्य से सीधा खिलवाड़ हो रहा है।और गली गली शिविर लगा प्रचार कर रही है।
इसका तो भगवान ही मालिक है, देखे तो विगद कई महीनों से नगर के अलावा पूरे जिले भर में फर्जी कंपनियों की आड़ में बड़े बड़े बिचोलिए नकाब पहन कर घूम रहे है और आयुर्वेद के नाम पर हजारो रुपयो की महेंगी दवाओं को बेचा जा रहा। देखा जाए तो ऐसा ही मामला रविवार को डिंडोरी के नर्मदापुल पार सतगुरु कॉम्पेक्स में सामने आया है जहाँ बड़ी मात्रा में छात्रों छात्राओं को आयुर्वेद के द्वारा इलाज देने और मंहगी दवाओं के बेच कर बड़ा मुनाफा कमा रहे है,पर इन पर जिम्मेदारों की नजर नही होना कई प्रश्न को जन्म देता है।
गोरतलब है ऐसे और भी मामले मीडिया के द्वारा समय समय पर प्रसाशन के सामने लाये जाते है पर उन पर कोई कार्यवाही नही होना से इन नकाब पोस बिचौलिओं के हौसले और बुलंद है।
