भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 16 मार्च को लोकसभा
निर्वाचन- 2024 की घोषणा के साथ
ही निर्वाचन सम्बंधी गतिविधियां प्रारंभ हो गई हैं। निर्वाचन कार्यक्रम में
असामाजिक तत्वों द्वारा भय एवं आतंक का वातावरण निर्मित करने, चुनाव के दौरान
अस्त्र-शस्त्र तथा विस्फोटक सामग्री का प्रयोग चुनाव कार्य में बाधा डालने तथा
मतदाताओं को भयभीत करने हेतु किया जा सकता है। उपरोक्त संभावनाओं को रोकने एवं
संपूर्ण डिंडोरी जिले में आदर्श आचार संहिता के पालन एवं निर्बाध, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं
शांतिपूर्ण निर्वाचन के लिए जिला दण्डाधिकारी विकास मिश्रा ने दण्ड प्रक्रिया
संहिता 1973 की धारा 144 (1) के तहत
प्रतिबंधात्मक निषेधाज्ञा जारी किया है।
जिला दण्डाधिकारी विकास मिश्रा ने डिण्डौरी
जिले की सीमा के भीतर यह प्रतिबन्धात्मक आदेश जारी किया है, जिसके अंतर्गत
कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के अस्त्र शस्त्र, धारदार हथियार
(जैसे तलवार, फरसा, बल्लम, भाला, छुरी, कटार, गुप्ती, आदि) एवं घातक
पदार्थों को न तो साथ लेकर चलेगा, न उनका सार्वजनिक प्रदर्शन करेगा और न ही उनका सार्वजनिक
रूप से प्रयोग करेगा। आगन्तुकों के स्वागत, उत्सव एवं समारोह
में किये जाने वाले हवाई हर्षफायर भी वर्जित रहेगें। वैध अनुज्ञप्तिधारी को छोड़कर
कोई भी व्यक्ति न तो बारूद एवं पटाखों का संग्रहण करेगा, न उनका निर्माण
करेगा, न परिवहन करेगा
और न ही उनका उपयोग करेगा। कोई भी व्यक्ति सक्षम अधिकारी (सम्बन्धित अनुविभागीय
दण्डाधिकारी) की पूर्व अनुमति के बिनातथा पुलिस को पूर्व सूचना दिये बिना कोई
जुलूस नही निकालेगा। कोई भी व्यक्ति सक्षम अधिकारी की (सम्बन्धित अनुविभागीय
दण्डाधिकारी) पूर्व अनुमति प्राप्त किये बिना तथा पुलिस को पूर्व सूचना दिये बिना
किसी भी सार्वजनिक स्थान पर आमसभा का आयोजन, टेंट, तम्बू नहीं लगा
सकता । इसी प्रकार कोई भी व्यक्ति वैध अनुमति के बिना अस्त्र-शस्त्र का परिवहन
नहीं करेगा इनमें लोहे के सरिया, हॉकी स्टिक, लोहे की जंजीरें, पाईप एयरगन इत्यादि भी सम्मिलित है। यह प्रतिबंध
सुरक्षा एवं चुनाव व्यवस्था आदि के लिये कर्तव्य पालन के समय लगे सुरक्षा बल, अर्द्धसैनिक बल, पुलिस बल, नगर सैनिक बल आदि
पर तथा विशिष्ट व्यक्तियों, अधिकारियों एवं उम्मीदवारों की सुरक्षा के लिए लगाये गये
पुलिस एवं अन्य शासकीय बल पर लागु नही होगा। सिक्ख धर्म के अनुयायिओं एवं विवाह
समारोह के समय दूल्हे द्वारा धारण की गयी कटार पर भी लागू नहीं होगा।
यह आदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 (2) के प्रावधानों के
तहत एक पक्षीय रूप से पारित किया गया है। यह प्रतिबंधात्मक आदेश 16 मार्च 2024 से 05 जून 2024 तक डिण्डौरी जिले
की संबंधित क्षेत्रों के भीतर प्रभावशील रहेगा।

