डिन्डोरी जिले के अंतर्गत जनपद पंचायत करंजिया में पदस्थ सहायक यंत्री और
पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष के बीच उपजा विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया
में तेज़ी से वायरल हो रहे वीडियो को अधिवक्ता सम्यक् जैन व अधिवक्ता मनन अग्रवाल
ने एनसीएम काउंसिल फॉर मेंस अफ़ेयर्स के साथ साथ मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के
अध्यक्ष को पत्र लिख मानवाधिकार उल्लंघनों का स्वत: संज्ञान लेकर पीड़ित को न्याय
दिलाने की माँग की है।
चूँकि मामला पीड़ित के सम्मान से जुड़ा है व घटना को प्रमुख समाचार पत्रों
द्वारा विभिन्न विभिन्न हैडलाइन के माध्यम से कवर किया गया है, ऐसी स्तिथि में
पीड़ित को मानसिक व शारीरिक क्षति के साथ साथ आत्मसम्मान को ठेस पहुँचा है जो
पीड़ित लोक सेवक के मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर विषय की श्रेणी में आता है।
कथित कृत्य तानाशाही दृष्टिकोण वाला प्रतीत होता है, जो पीड़ित के जीवन और सम्मान के अधिकार के
उल्लंघन का स्पष्ट प्रदर्शन है। मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, आयोग से अनुरोध
किया है कि आयोग करंजिया, जिला डिंडोरी में हुए मानवाधिकारों के साथ-साथ मौलिक
अधिकारों के घोर उल्लंघन के मामले में सक्षम प्राधिकारी द्वारा आयोग की निगरानी
में जांच कराकर दोषी पर सख़्त कार्यवाही करे व पीड़ित को न्याय दिलाने की कृपा करे
।
मूल्यांकन को लेकर उपजा था विवाद
पूर्व जनपद अध्यक्ष ने बताया कि ग्राम पंचायत कंटी गहन क्षेत्र मे लगभग 9 लाख की लागत से
तालाब मे सीढी और ओवर फ्लो नाली निर्माण मे इंजीनियर सुनील हरमन ने 1 लाख 57 हजार का
मूल्यांकन किया था। इसका सत्यापन सहायक यंत्री पंकज सिंह को करना था। इसके लिए
सहायक यंत्री से पूर्व जनपद अध्यक्ष से मूल्यांकन बढ़ाने की बात कही गई, लेकिन जब बात
नहीं बनी तो अपने समर्थकों के साथ वह उनके घर के पास पहुंची। देर रात पंकज सिंह
अपने घर आए तो उनसे मूल्यांकन को लेकर चर्चा की लेकिन बात नहीं बनी और इसी बात को
लेकर विवाद की स्थिति बन गई।
पुलिस ने दर्ज की एफ़.आई.आर -
पीड़ित पंकज सिंह को चप्पल से मारने के मामले मे शुक्रवार को पूर्व जनपद अघ्यक्ष रंजीता परस्ते, मोती मरावी और राधे पटले के विरुद्ध करंजिया थाना में धारा 353,187,189, 294, 323, 506 के तहत मामला दर्ज किया है।


