डिंडोरी जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्याम सिंगौर ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर द्वारा गुमशुदा महिला को परिवार तक सकुशल पहुंचाया गया है। जानकारी अनुसार लक्ष्मी (परिविर्तित नाम) अपने पति के साथ भोपाल में रहती थी। पति के साथ विवाद हो जाने के कारण वह घर से रात्रि में निकल गई। महिला द्वारा स्पष्ट रुप से नहीं बताया गया कि किस प्रकार की घटना उसके साथ हुई है लेकिन उस घटना से महिला का मानसिक संतुलन बिगड गया है।
लक्ष्मी उसी हालत में अपनी बेटी से मिलने के लिये जा रही थी लेकिन वह गलत ट्रेन में बैठकर उदयपुर (राजस्थान) पहुँच गई। वहां वन स्टॉप सेंटर भुवाणा (उदयपुर) को लक्ष्मी के बारे में सूचित किया गया। लक्ष्मी को वन स्टॉप सेंटर भुवाणा में ले जाकर उसका परामर्श किया गया, जिस दौरान यह पता चला कि लक्ष्मी ग्राम बूढन जिला डिंडौरी (म.प्र.) की रहने वाली है। लक्ष्मी के गांव के नजदीकी थाने से संपर्क कर गांव के सरपंच एवं महिला के बेटे से बात की गई, परन्तु उन्होने लक्ष्गी को घर ले जाने से मना कर दिया। इसलिये लक्ष्मी को वन स्टॉप सेंटर भुवाणा (उदयपुर) द्वारा शक्ति सदन सेवा मंदिर आश्रय हेतु भेज दिया गया, जहां लक्ष्मी 06 माह रही। वन स्टॉप सेंटर भुवाणा (उदयपुर) द्वारा डिंडौरी वन स्टॉप सेंटर संपर्क कर लक्ष्मी के विषय में सूचित किया गया। जिससे वन स्टॉप सेंटर डिंडौरी के माध्यम से लक्ष्मी के परिवार से बातचीत की गई। लक्ष्मी के परिवार के सदस्यों द्वारा बोला गया कि हम उदयपुर नही जा सकते है, यदि वहां से लक्ष्मी को डिंडौरी लाया जायेगा, तो हम उन्हें डिंडौरी से आकर घर ले जायेगें तब वन स्टॉप सेंटर भुवाणा (उदयपुर) के माध्यम से लक्ष्मी को शक्ति सदन सेवा मंदिर की केस वर्कर मेडम के साथ वन स्टॉप सेंटर डिंडौरी लाया गया।
वन स्टॉप सेंटर डिंडौरी में लक्ष्मी को आश्रय दिया गया, जहां उसे दैनिक जरुरतों की सभी प्रकार की सामाग्री, कपडे एवं दोनो समय का चाय-नाश्ता एवं भोजन दिया गया। वन स्टॉप सेंटर डिंडौरी के माध्यम से लक्ष्मी के बेटे से संपर्क किया गया परन्तु वह डिंडौरी आने के लिये भी तैयार नही था। तब गांव के सरपंच के माध्यम से लक्ष्मी के घर जाकर बातचीत कर समझाईश दी गई एवं लक्ष्मी के परिवार वालों को अपने साथ लेकर वन स्टॉप सेंटर डिंडौरी आये। लक्ष्मी एवं उनके परिवार के सदस्यों को वन स्टॉप सेंटर में समझाईश दी गई की वह अपनी माता का अच्छे से ध्यान रखें एवं लक्ष्मी को उनके परिवार के सदस्यों के साथ घर भेज दिया गया। लक्ष्मी पिछले 06 माह से अपने परिवार से दूर थी वह अपने परिवार के सदस्यो से मिलकर बहुत खुश हुईं।

