डिंडोरी
कोतवाली प्रभारी अनुराग जामदार ने बताया कि फरवरी माह में वर्तमान सहायक आयुक्त
संतोष शुक्ला ने शिकायत की थी कि जिला स्तरिय और राज्य स्तरिय टीम की जांच के बाद
घोटाला सिद्ध पाया गया था,जिसमें
लोकायुक्त द्वारा FIR के निर्देश
प्राप्त हुए थे। इस पर वर्तमान सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला की शिकायत पर तत्कालीन
सहायक आयुक्त अमर सिंह उइके के खिलाफ 420,409,34 के तहत
मामला दर्ज किया गया था। मामला पंजीबद्ध होने के बाद तत्कालीन अमर सिंह उइके को
गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा था लेकिन अमर सिंह ठिकाना बदलकर फरार चल रहे
थे।
साल 2019 और 2021 के दरमियान अमर
सिंह उईके सहायक आयुक्त ने दो करोड़ 59 लख रुपए से अधिक राशि का छात्रवृत्ति घोटाला किया था। जिला
कलक्टर विकास मिश्रा के निर्देश पर गठित टीम ने जांच कर मामले का खुलासा किया इसके
बाद लोकायुक्त पुलिस ने की दखल के बाद मामले में अमर सिंह उईके के विरुद्ध 21 फरवरी 2024 को डिंडोरी
कोतवाली में फिर दर्ज हुई इसके बाद आरोपी अमर सिंह उईके लगातार फरार होते हुए
पुलिस को चकमा देता रहा। वर्तमान सिवनी जिले में पदस्थ जनजाति विभाग की सहायक
आयुक्त अमर सिंह उईके अपने कार्यालय से फरार हो गए थे। डिंडोरी पुलिस के द्वारा
शिवनी शहडोल और कई जगह आरोपी की तलाश की गई लेकिन आरोपी लगातार पुलिस को चकमा देने
में कामयाब होता रहा, पुलिस के द्वारा
घोटालेबाज आरोपी अमर सिंह उईके की गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित किया गया था और
आरोपी की संपत्ति कर्क करने की स्थिति जब आई उसी दरमियान फरार चल रहे आरोपी को डिन्डोरी
पुलिस ने भोपाल के एक होटल से दबोच लिया। फ़िलहाल मामले में पूछताछ जारी है मामले
में कई बड़े लोगों के नाम सामने आ सकते हैं घोटालेबाज अधिकारी अमर सिंह उईके के
गिरफ्तार होते ही मामले में संदिग्ध लोगों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगी है।

