आशीष जोशी
आई विटनेस न्यूज 24, गुरुवार 25 जुलाई,""नूनखान के खैरो टोला प्राथमिक शाला के बच्चों को तीन दिनों से नहीं मिला भोजन का निवाला "" शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद शिक्षा विभाग सहित कल्पना स्वसहायता समूह के जिम्मेदार जागे और आज से स्कूल में पढ़ने वाले नोनिहालों को मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत भोजन का निवाला मिलेगा गौरतलब हो कि शाला में पदस्थ शिक्षक ने बताया था की स्वसहायता समूह द्वारा राशन आवंटित नहीं होने की बात कह तीन दिनों से बच्चों को स्कूल में भोजन नहीं दिया जा रहा था
पर खबर प्रकाशित होने के बाद नोनिहाल बच्चों को अब भोजन के निवाले के लाले नहीं पड़ेंगे यहां यक्ष प्रश्न यह है कि तीन दिनों तक राशन का आवंटन न मिलने की दलील देकर बच्चों को भोजन न देने वाले समूह को आज कहां से राशन आवंटित हो गया वहीं इस पूरे मामले में जिले का शिक्षा विभाग मौन धारण किए हुए क्यों बैठा था जबकि स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं की सतत निगरानी करने के लिए जन शिक्षक से लेकर बी , आर , सी , नियुक्त है बावजूद इसके स्वसहायता समूह की हठधर्मिता के परिणाम स्वरूप स्कूल के बच्चों को तीन दिनों तक भूखे पेट पढ़ाई करने विवश होना पड़ा आखिरकार जिले के जिम्मेदार नुमाइंदे आईना दिखाने के बाद ही अपनी कुंभकर्णी नींद से जागने के आदि क्यों हो गए हैं ?


