नगरीय निकायों में ऑनलाइन कामकाज बढ़ने के साथ कंप्यूटर दक्षता और साइबर सुरक्षा की जानकारी अनिवार्य करने की तैयारी
आई विटनेस न्यूज 24, गुरुवार 10 सितम्बर, मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में बतौर कंप्यूटर ऑपरेटर कार्यरत कर्मचारियों के लिए अब कंप्यूटर दक्षता से जुड़ी पात्रता को गंभीरता से लागू किया जा रहा है। ऐसे कंप्यूटर ऑपरेटर जो बिना कंप्यूटर प्रवीणता एवं प्रमाणन परीक्षा (CPCT) की पात्रता के काम कर रहे हैं, उन्हें निर्धारित पात्रता हासिल करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। तय अवधि में आवश्यक पात्रता पूरी नहीं करने पर संबंधित कर्मचारी के वेतन अथवा मानदेय पर रोक लगाए जाने की कार्रवाई की जा सकती है। नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय की अपर आयुक्त मिशा सिंह की ओर से प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों का उद्देश्य नगरीय निकायों में बढ़ते ऑनलाइन कामकाज के बीच कंप्यूटर ऑपरेटरों की तकनीकी दक्षता सुनिश्चित करना है। दरअसल, प्रदेश के नगरीय निकायों में बड़ी संख्या में कर्मचारी कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत हैं। निकायों का ऑनलाइन कामकाज, विभिन्न पोर्टल पर जानकारी दर्ज करना, शासकीय रिकॉर्ड का संधारण और डिजिटल माध्यम से होने वाली अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में इनकी अहम भूमिका रहती है। ऐसे में विभाग का मानना है कि कंप्यूटर ऑपरेटर का तकनीकी रूप से दक्ष होना जरूरी है। विभाग की ओर से कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए कंप्यूटर संबंधी सामान्य दक्षता के साथ-साथ साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को भी महत्वपूर्ण माना गया है। सरकारी कामकाज तेजी से डिजिटल होने के कारण निकायों के कंप्यूटर सिस्टम में बड़ी मात्रा में महत्वपूर्ण शासकीय एवं नागरिकों से संबंधित डेटा उपलब्ध रहता है। ऐसे में ऑपरेटरों को साइबर सुरक्षा के बुनियादी पहलुओं की जानकारी होना भी आवश्यक है।

