भगवान भरोसे ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था! समय से पहले स्कूलों में लटके ताले, जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल - i witness news live
Breaking News
Loading...

TOP NEWS

भगवान भरोसे ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था! समय से पहले स्कूलों में लटके ताले, जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल

डिंडोरी के दो सरकारी स्कूलों में समय पूर्व बंद होने के आरोप, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका


राजेश ठाकुर की रिपोर्ट

आई विटनेस न्यूज 24, मंगलवार 23 जून, शिक्षा को लेकर सरकार लगातार बेहतर व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर की तस्वीर कई जगह इन दावों से अलग दिखाई दे रही है। विकासखंड डिंडोरी के ग्रामीण क्षेत्र में संचालित दो शासकीय विद्यालयों का मामला सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि विद्यालय निर्धारित समय से पहले बंद कर दिए गए और छात्र पढ़ाई से वंचित रह गए।

मामला विक्रमपुर शासकीय कन्या हाई स्कूल एवं एकीकृत शासकीय नवीन माध्यमिक शाला मेर का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कन्या हाई स्कूल में पदस्थ शिक्षिकाएं निर्धारित समय से पहले ही दोपहर करीब 2:30 बजे विद्यालय बंद कर चली गईं। वहीं दूसरी ओर एकीकृत शासकीय नवीन माध्यमिक शाला मेर में भी लगभग 12 बजे ही स्कूल में ताला लगाए जाने की बात सामने आई।

बताया जाता है कि विद्यालय परिसर में प्रदर्शित मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बाद शिक्षक इंदर सिंह उइके को स्थिति की जानकारी दी गई, जिसके बाद वे विद्यालय पहुंचे और स्कूल खोला गया। वहीं प्राथमिक शिक्षक रमेश टेकाम ने समय से पहले विद्यालय छोड़ने का कारण रिश्तेदारी में आयोजित दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होना बताया।

ग्रामीणों का कहना है कि मामला केवल समय से पहले स्कूल बंद होने तक सीमित नहीं है, बल्कि सबसे चिंताजनक तथ्य यह सामने आया कि कुछ जिम्मेदार शिक्षकों और प्रधान पाठक को ही विद्यालय के निर्धारित संचालन समय की स्पष्ट जानकारी नहीं थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब विद्यालय संचालन की मूल व्यवस्था को लेकर ही स्पष्टता नहीं होगी तो बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे मिलेगी।

ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि सरकारी विद्यालय ग्रामीण बच्चों के भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद होते हैं। यदि विद्यालयों में समय पालन और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होगी तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य पर पड़ेगा।

अब क्षेत्र में यह मांग तेज हो रही है कि शिक्षा विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाए और यदि लापरवाही सिद्ध होती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यालयों में अनुशासन और शिक्षण व्यवस्था बहाल हो सके।


 

Ashish Joshi

Ashish Joshi
ASHISH JOSHI | आई विटनेस न्यूज़ 24 के संचालक के रूप में, मेरी प्रतिबद्धता हमारे दर्शकों को सटीक, प्रभावशाली और समय पर समाचार प्रदान करने की है। मैं पत्रकारिता की गरिमा को बनाए रखते हुए हर खबर को सच के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूँ। आई विटनेस न्यूज़ 24 में, हमारा लक्ष्य है कि हम समाज को सशक्त और जोड़ने वाली आवाज़ बनें।