राजेश ठाकुर की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, मंगलवार 23 जून,डिंडोरी जिले के अंतर्गत आने वाले थाना शाहपुर के पुलिस अभिरक्षा से भागे उमेश बैगा नामक युवक मामले में आखिर अब तक क्यों नहीं हो पा रही है,कोई कार्यवाही? पिछले दिनों मीडिया की सुर्खियों में बने इस मामले को आखिर क्यों ठंडे बस्ते में डाल दिया गया, ना कोई स्पष्टीकरण और ना ही कोई प्रतिवेदन, आखिर जिला पुलिस बल के आला अधिकारी किन लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है!
प्रदेश की अति पिछड़ी बैगा जनजाति जैसे बेहद गंभीर मामले में अब तक कोई कार्यवाही ना होना, पुलिस प्रशासन के ऊपर कई सवाल खड़ी कर रही है, आपको बता दें कि पिछले दिनों शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोरखपुर निवासी उमेश धुर्वे (बैगा)को दो दिनों तक पुलिस लॉकअप में हथकड़ी लगाकर रखा गया था,जहां से उमेश धुर्वे के द्वारा थाना परिसर की छत से छलांग लगाकर फरार हो गया था, और दो दिनों तक गोरखपुर डैम की झाड़ियां में बेशर्म के अंदर बेहोश अवस्था में पड़ा रहा, परिजनों के द्वारा ढूंढ खोज कर के जिला अस्पताल डिंडोरी में भर्ती कराया गया था, जहां आज भी उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है दोनों पैरों की सूजन कम नहीं हो रही है, जिसका इलाज लड़के की मां सिंधिया बाई के द्वारा प्राइवेट अस्पतालों में कराया जा रहा है, अपने खर्चे पर!
यहां आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस लड़के को दो दिनों तक पुलिस लॉकअप में हथकड़ी से बांधकर रखा गया था, उसके खिलाफ आज तक थाना शाहपुर में ना तो कोई प्राथमिकी दर्ज हुई है, और ना ही कोई लिखित आवेदन है, उसके बावजूद इस प्रकार से ग्रामीण क्षेत्र के भोले भाले लोगों के साथ पुलिस बल का ऐसा बरताव, पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर रहे हैं!

