राजेश ठाकुर की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, शुक्रवार 26 जून,मध्य प्रदेश की मोहन सरकार जहां एक ओर प्रदेश में कानून व्यवस्था का गुणगान करते थकते नहीं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के ही आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी अंतर्गत थाना शाहपुर में एक के बाद एक कर्मकांड सामने आते ही जा रहे हैं, ऐसा लगता है जैसे डिंडोरी जिले का थाना शाहपुर भारतीय संविधान के प्रावधानों में ना चल कर, थाना के प्रभारी निरीक्षक केवल सिंह परते के कानून से चलता है, अभी पिछले दिनों थाना शाहपुर के पुलिस अभिरक्षा से भागे बैगा युवक मामला ठंडा भी ना पड़ा था, कि एक और दूसरा मामला प्रकाश में आ गया सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बताया जा रहा है कि पिछले दिनों चौरा, छिंदगांव ग्राम में भागवत कथा का आयोजन हो रहा था जहां पर वळही ग्राम के दो नाबालिक लड़ले हेमंत विश्वकर्मा एवं हेमंत मरावी गए हुए थे, जहां से थाना शाहपुर के कुछ पुलिस कर्मियों जो की शराब के नशे में धुत थे, इन दोनों लड़कों को बिना कुछ गुनाह किए, बगैर कोई प्रमाण के केवल इस बात के लिए कि तुम दोनों लड़कों ने हमारी गाड़ी के टायर से हवा निकाला है, कहकर थाना परिसर में लाकर घंटों बैठा लिए गए, और दोनों लड़कों के मोबाइल की जपती बनाकर बंद लिफाफे में रख लिए गए, और दोनों नाबालिक लड़कों को चड्डी उतार कर मारने की धमकी देने लगे!जब इस बात की जानकारी लड़कों के परिजनों को लगी तब रात को लगभग 11:00 बजे थाना परिसर में आकर परिजनों के द्वारा हंगामा किया गया,तब जाकर कहीं उन दोनों नाबालिक लड़कों को थाना प्रभारी के द्वारा छोड़ा गया! जो इस बात की ओर इशारा करता है कि थाना परिसर शाहपुर में कुछ भी भारतीय संविधान के अनुसार नहीं चल रहा है, यहां केवल और केवल केवल सिंह परते का कानून चलता है!
यह मामला लगभग दो सप्ताह पुराना बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी शाहपुर थाना पुलिस अभिरक्षा से एक बैगा युवक के भागने का मामला चर्चा में रहा था। ऐसे में लगातार सामने आ रहे विवादों ने थाना शाहपुर की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

