स्कूल जाने वाली छात्राओं की बढ़ी मुश्किलें, फिसलन से हादसे का खतरा; ग्रामीणों ने स्थायी सड़क निर्माण की मांग की
ओमप्रकाश परस्ते की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, सोमवार 7 सितम्बर, जिले के टिकरी-पिपरी गांव में बारिश ने सड़क व्यवस्था की बदहाली की तस्वीर सामने ला दी है। गांव के रास्ते बारिश के बाद कीचड़ में तब्दील हो गए हैं। ऐसे में ग्रामीणों के साथ स्कूल जाने वाली छात्राओं को भी रोजाना मुश्किल भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है। कीचड़ और फिसलन के कारण यहां कभी भी हादसा होने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों के मुताबिक टिकरी-पिपरी गांव में सड़क की समस्या आज की नहीं, बल्कि करीब 40 वर्षों से बनी हुई है। बारिश का मौसम आते ही स्थिति और गंभीर हो जाती है। रास्तों पर जगह-जगह कीचड़ जमा होने से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी उन छात्राओं को उठानी पड़ रही है, जिन्हें प्रतिदिन स्कूल जाने के लिए इन्हीं रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही गांव की सड़कें आवागमन के लायक नहीं रह जातीं। कीचड़ के कारण लोगों को संभलकर रास्ता पार करना पड़ता है। कई बार फिसलने की स्थिति भी बनती है। इसके बावजूद लंबे समय से चली आ रही सड़क समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में जिम्मेदारों द्वारा अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि चार दशक से सड़क की यही स्थिति बनी हुई है। कई बार समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल अस्थायी सुधार से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि गांव में पक्की और बेहतर सड़क का निर्माण ही इसका स्थायी समाधान है।
बारिश के मौसम में स्कूल जाने वाली छात्राओं को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। फिसलन भरे रास्ते पर चलते समय उनके गिरने और चोटिल होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने कहा कि शिक्षा के लिए रोज घर से निकलने वाली छात्राओं को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ना गंभीर चिंता का विषय है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि टिकरी-पिपरी गांव की सड़क समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द रास्ते को दुरुस्त कराया जाए और स्थायी सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए। उनका कहना है कि जब तक सड़क का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक हर बारिश में ग्रामीणों को इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ेगी।


