कहीं नेटवर्क पूरी तरह ठप तो कहीं इंटरनेट की रफ्तार रेंगने जैसी, जरूरी काम और कॉलिंग प्रभावित
राजेन्द्र तंतवाय की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, गुरुवार 3 सितम्बर, जिले के शाहपुर, अझवार, विक्रमपुर सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में जियो नेटवर्क की बदहाल स्थिति ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। अझवार क्षेत्र में विगत रात्रि करीब 8:30 बजे से जियो नेटवर्क पूरी तरह बंद होने की शिकायत सामने आई है। मोबाइल में नेटवर्क गायब होने से न कॉल लग रही है और न ही इंटरनेट सेवा का उपयोग हो पा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या पहली बार नहीं है। सामान्य दिनों में भी कई ग्रामीण क्षेत्रों में जियो का इंटरनेट इतना धीमा चलता है कि किसी मोबाइल एप को खोलने में आधा से एक मिनट तक सिर्फ लोडिंग का चक्र घूमता रहता है। अब नेटवर्क पूरी तरह बंद होने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
महंगा रिचार्ज, लेकिन सेवा के नाम पर ‘नो नेटवर्क’
ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि मोबाइल रिचार्ज लगातार महंगे हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा। पैसा पूरा लिया जा रहा है, लेकिन सेवा कब मिलेगी इसकी कोई गारंटी नहीं! बार-बार नेटवर्क बंद होने से उपभोक्ताओं में जियो कंपनी के प्रति असंतोष बढ़ रहा है।
नेटवर्क गया तो ऑनलाइन व्यवस्था भी ठप
मोबाइल नेटवर्क बंद होने का असर सिर्फ बातचीत तक सीमित नहीं है। ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल भुगतान, मोबाइल एप, जरूरी दस्तावेज भेजने और अन्य इंटरनेट आधारित कार्य प्रभावित हो रहे हैं। फोन नहीं लगने के कारण दूर-दराज रहने वाले लोगों के बीच आवश्यक सूचनाओं का आदान-प्रदान भी बाधित हो रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जियो पर निर्भरता, फिर भी जवाबदेही कौन लेगा?
अझवार सहित आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों में जियो ही प्रमुख मोबाइल नेटवर्क के रूप में उपयोग किया जाता है। ऐसे में बार-बार नेटवर्क बंद होना ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कंपनी ग्रामीण उपभोक्ताओं से नियमित रूप से रिचार्ज का पैसा ले रही है, तो निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण नेटवर्क उपलब्ध कराना भी उसकी जिम्मेदारी है।
ग्रामीणों ने जियो कंपनी से शाहपुर, अझवार, विक्रमपुर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की तकनीकी समस्या तत्काल दूर करने, क्षमता बढ़ाने और मजबूत नेटवर्क उपलब्ध कराने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि महंगे रिचार्ज के बावजूद ग्रामीणों को बार-बार ‘नो नेटवर्क’ की स्थिति कब तक झेलनी पड़ेगी?

