राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी, श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता पर नाटिका और मटकी फोड़ ने बांधा समां
राजेन्द्र तंतवाय की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, शुक्रवार 4 सितम्बर,शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शाहपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों के साथ धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा वातावरण कृष्णमय हो उठा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम पंचायत शाहपुर के सरपंच श्री राजू बनवासी उपस्थित रहे। प्रभारी प्राचार्य मोहम्मद शहीद खान, विद्यालय स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की गरिमामय मौजूदगी रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ राधा-कृष्ण के तैलचित्र का पूजन-अर्चन कर किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं उनके आदर्शों पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। छात्राओं द्वारा श्रीकृष्ण-सुदामा की अटूट मित्रता पर प्रस्तुत भाषण और लघु नाटिका ने उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने राधा और श्रीकृष्ण की आकर्षक वेशभूषा धारण कर मंच पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। नन्हे कृष्ण और राधा के रूप में सजे विद्यार्थियों ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। उनकी सुंदर वेशभूषा और प्रस्तुतियों ने जन्माष्टमी के उत्सव में चार चांद लगा दिए।
मटकी फोड़ में अक्सा खान ने मारी बाजी
जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता में छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। कई प्रतिभागियों ने मटकी फोड़ने का प्रयास किया, लेकिन अंततः कक्षा 12वीं विज्ञान संकाय की छात्रा अक्सा खान ने मटकी फोड़कर प्रतियोगिता में सफलता हासिल की। उनकी इस उपलब्धि पर मुख्य अतिथि सरपंच श्री राजू बनवासी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ₹1100 की नगद पुरस्कार राशि प्रदान की। इसके साथ ही सभी विद्यार्थियों को प्रसाद वितरित किया गया।
बच्चों की प्रतिभा को मंच देने पर जोर
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रभारी प्राचार्य मोहम्मद शहीद खान ने विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, संस्कार और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया।विद्यालय में आयोजित जन्माष्टमी समारोह ने शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति के सुंदर समन्वय की मिसाल पेश की।


