आई विटनेस न्यूज 24, मंगलवार 27 अक्टूबर, आज मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना गया। सीईओ जिला पंचायत ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान निराकरण योग्य प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य आवेदनों पर आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। जनसुनवाई में संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेकटर अक्षय डिगरसे, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियांशी जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में ग्रामीणों ने पारंपरिक पूजा स्थल की सुरक्षा, पंचायत निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं, लंबित भुगतान, भूमि विवाद एवं कब्रिस्तान तक पहुंच मार्ग जैसी समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए। ग्राम लिखनी, ग्राम पंचायत मझियाखार के ग्रामीणों ने कई पीढ़ियों से पूजित देवी-देवताओं के पारंपरिक पूजा स्थल को सुरक्षित रखने की मांग की। आवेदकों ने आरोप लगाया कि पूजा स्थल के समीप आबादी भूमि को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है तथा स्वामित्व योजना के अंतर्गत भूमि संबंधी दस्तावेज तैयार होने के बाद उनकी परेशानी बढ़ गई है। इस पर सीईओ जिला पंचायत ने संबंधित विभाग को जांच कर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
ग्राम पंचायत धनुवासागर के वार्ड क्रमांक-8 की निर्वाचित पंच श्रीमती सुनीता बाई ने तालाब के समीप पुलिया निर्माण कार्य का मूल्यांकन होने के बावजूद मजदूरों एवं सामग्री आपूर्तिकर्ताओं का भुगतान लंबित रहने की शिकायत की। आवेदन के अनुसार, पंद्रहवें वित्त आयोग की अनटाइड फंड राशि से 2.58 लाख रुपये की स्वीकृति के तहत तकनीकी प्राक्कलन के अनुसार निर्माण कार्य कराया गया था। आवेदिका ने भुगतान संबंधी अभिलेखों की जांच के लिए त्रिस्तरीय टीम गठित करने तथा निर्माण कार्य का सत्यापन कराकर बकाया भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही ग्राम पंचायत धुर्रा के पंचों एवं ग्रामीणों ने 37.49 लाख रुपये की स्वीकृति वाले अटल ग्राम सेवा सदन (पंचायत भवन) का निर्माण लगभग चार माह से अधूरा होने तथा निर्माण कार्य के मूल्यांकन और राशि आहरण में कथित अंतर की शिकायत की। उन्होंने बिल-वाउचर, भुगतान अभिलेखों एवं वित्त आयोग की राशि के उपयोग की जांच कराने तथा अनियमितता प्रमाणित होने पर नियमानुसार कार्यवाही की मांग की। जिस पर उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारी को कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ग्राम रहंगी, विकासखंड समनापुर की निवासी लगभग 60 वर्षीय विधवा एवं निःसंतान महिला श्रीमती कुसुम बाई ने अपनी भूमि पर कथित अवैध कब्जे, घर से निकाले जाने और धमकियां दिए जाने की शिकायत प्रस्तुत की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवास का निर्माण नहीं होने दिया जा रहा है। आवेदिका ने भूमि अभिलेखों की जांच, संपत्ति एवं आवास की सुरक्षा तथा शिकायत पर उचित कार्यवाही की मांग की। जिस पर सीईओ जिला पंचायत ने एसडीएम डिंडौरी को प्रकरण की जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
बिलगांव जलाशय नहर निर्माण कार्य में रेत एवं गिट्टी की आपूर्ति करने वाले व्यापारियों ने वर्ष 2023-24 से लंबित भुगतान की समस्या जनसुनवाई में रखी। आवेदन में प्रोपराइटर कमल कुमार अग्रवाल की लगभग 1.35 लाख रुपये तथा आर.के. ट्रेडर्स के प्रोपराइटर राजेंद्र रजक की लगभग 12 लाख रुपये की बकाया राशि का उल्लेख किया गया है। आवेदकों ने बताया कि विभागीय अधिकारियों से कई बार संपर्क करने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने मामले की जांच कराकर लंबित राशि का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। इसी प्रकार, ग्राम धनुवासागर, पोस्ट छांटा के ग्रामीणों ने कब्रिस्तान तक पहुंच मार्ग नहीं होने की समस्या उठाई। जिस पर संबंधित विभाग को जांच कर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में नागरिकों को मिली स्वास्थ्य जांच की सुविधा
जनसुनवाई में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे नागरिकों के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। इस दौरान नागरिकों का रक्तचाप, मधुमेह सहित आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के आधार पर आवश्यक परामर्श देते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की जानकारी दी। जनसुनवाई के साथ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से नागरिकों को एक ही स्थान पर अपनी समस्याएं प्रस्तुत करने के साथ स्वास्थ्य जांच की सुविधा का लाभ भी मिला।
जनसमस्याओं का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें अधिकारीः सीईओ जिला पंचायत
सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए उसका नियमानुसार परीक्षण करें तथा निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को समय पर राहत मिल सके।

