राजेश ठाकुर की रिपोर्ट
डिण्डोरी-आई विटनेस न्यूज 24, सरकार लोगो के आवागमन को सुगम बनाने के लिए सड़कों को चाक-चौबंद रखने के निर्देश आए दिन दे रही है। इसके बावजूद जिम्मेदारों पर निर्देशों का असर नही पड़ रहा है। अधिकारी सड़कें दुरुस्त होने की रिपोर्ट भेज रहें हैं,लेकिन हकीकत बिल्कुल विपरीत है।
मध्य प्रदेश का आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी जहां मध्य प्रदेश शासन के द्वारा सड़कों के निर्माण एवं सड़कों की मरम्मत के लिए करोड़ों रुपए का आवंटन दिया जा रहा है ,लेकिन लोक निर्माण विभाग जिला डिंडोरी मैं बैठे बड़े बड़े अफसर शासन की योजनाओं को पलीता लगाते नजर आ रहे हैं, एक ऐसा ही मामला डिंडोरी जिले में जबलपुर नेशनल हाईवे को मंडला नेशनल हाईवे से जोड़ने वाली शाहपुर किसलपुरी मार्ग जिसकी लंबाई लगभग 20 किलोमीटर है, खस्ताहाल पड़ी हुई है, सड़क के परखच्चे उखाड़ गये हैं ,सड़क में बड़ी बड़ी गिट्टियां उखड़ कर बाहर आ गई है, जहां पर लोगों का पैदल आना जाना भी दूभर हो गया है, लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग अभी भी गहरी नींद में सोया हुआ है ,पीडब्ल्यूडी विभाग में पदस्थ शासन के नुमाइंदे वैसे तो बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन असल में उनका काम जमीनी स्तर में जीरो होता है! इसका जीता जागता उदाहरण शाहपुर किसलपुरी मार्ग है, जो पीडब्ल्यूडी की मक्कारी को दिखा रहा है, सड़क के हाल ऐसे हो गये हैं, कि रोज सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिससे कई जिंदगियां तबाह होती है, ऐसा नहीं है, कि लोगों के द्वारा इसकी शिकायत पीडब्ल्यूडी को नहीं की गई हो ,लेकिन विभाग के आला अफसर किसी की भी नहीं सुनते अब देखना यह होगा, कि विभाग अपनी गहरी नींद से जागता है ,या फिर यूं ही चलता रहेगा!
