डिण्डौरी-आई विटनेस न्यूज 24, गाडासरई. पुरानी बस्ती से बछर गांव जाने वाली चकरार नदी में वर्षों से ग्रामीण पुल बनाने की मांग कर रहे हैं पर इन ग्रामीणों का आरोप है कि आज तक किसी नेता या अधिकारी ने हमारी बात नहीं सुनी चकरार नदी से ग्राम बछरगांव लगा हुआ है जो कुल 3 किलोमीटर है पर पुल ना होने से लोगों को बछर गांव जाने के लिए सागर टोला के तिराहे से जाना पड़ता है जो 15 किलोमीटर है इस तरह बछर गांव के लोगों को 3 किलोमीटर की जगह 15 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है चकरॉर नदी बछर गांव के साथ-साथ बहुत से गांवों को भी जोड़ती है और इन गांव के लोगों को जरूरत की चीजें खरीदने गाडासरई बाजार ही आना पड़ता है अगर इस नदी पर पुल बन जाए तो इन सभी गांव की दूरियां बहुत कम हो जाएगी और क्षेत्र में पढ़ने वाले गांव के लोगों को राहत मिलेगी। ग्राम वासियों ने बताया कि इस पुल की मांग को लेकर बछर गांव निवासियों द्वारा जिले के अधिकारियों से कई बार संपर्क किया पर नतीजा कुछ भी नहीं निकलता देख ग्रामीणों ने एक बार गाडासरई के रेस्ट हाउस पर धरना प्रदर्शन भी किया, पर नतीजा फिर भी नहीं निकला आज तक इस चकरार नदी में पुल नहीं बनाया गया इतनी कोशिश करने के बावजूद इन ग्रामीणों की समस्या किसी ने नहीं सुनी जब चुनाव का समय आता है तो प्रत्याशियों द्वारा इस पुल को लेकर अपने वोट समेटने के लिए एक से बढ़कर एक वादे करते नजर आते हैं। पर जीतने के बाद इस चकरार नदी की तरफ झांकने भी नहीं आते जिसके कारण इस नदी पर आज तक पुल नहीं बन पाया जिस वजह से लोगों को वर्षों से परेशानी झेलनी पड़ रही है जबकि इस पुल की मांग को लेकर ग्रामीणों ने एकमत होकर चुनाव का बहिष्कार भी किया था डिण्डौरी कलेक्टर के द्वारा लोगों को समझाइश दी गई और चकरार नदी पर पुल बनाने आश्वासन भी दिया गया था तब जाकर लोग वोट देने तैयार हुए थे पर चुनाव होने के बाद कहानी फिर वही जाकर अटक गई और पुल नहीं बनाया गया इस बात को लेकर ग्रामीणों में बहुत रोष व्याप्त है अब शायद आने वाले चुनाव में इन ग्रामीणों को समझाना इतना आसान नहीं होगा। अरुण मरावी ग्रामीण वासी का कहना है कि नदी में पुल ना होने के कारण लोगों को बहुत परेशान होना पड़ता है लोग नदी पार करते हुए घायल होते ही रहते हैं जिससे कई बार बड़े हादसे भी हो चुके हैं ग्रामीणों ने पुल बनाने बहुत बार अधिकारियों और नेताओं से मांग की पर आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला
राजेन्द्र तान्तवाय की रिपोर्टपुल नहीं होने से जान जोखिम में डालकर नदी पार करते है ग्रामीण
