अनिल साहू की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज़ 24, शनिवार 16 अक्टूबर, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित इकाई कृषि विज्ञान केंद्र डिंडोरी द्वारा विश्व खाद्य दिवस ग्राम मुड़की विकासखंड डिंडोरी में मनाया गया । कार्यक्रम पी.एल. अंबोलकर प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम प्रभारी व वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी रेनू पाठक के द्वारा बताया गया की दुनिया में भूख और खाद्य सुरक्षा से निपनटने के लिए लोगों तक खाना पहुंचाने के साथ बड़ी मात्रा में बेकार हो रहे खाने को बचाना भी एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। दुनिया भर में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन के स्थापना दिवस के दिन पर विश्व खाद्य दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य संसार में भूख की समस्या से निपटना और दुनिया को खाद्य सुरक्षा प्रदान करना है , जिससे पूरी दुनिया में से भूख का उन्मूलन किया जा सके। यह दिन दो तरीके से मनाया जाता है एक तो इस दिन दुनिया के बेहतरीन खाने को प्रोत्साहित किया जाता है, लेकिन इसे दुनिया में खाद्य की कमी से निपटने के प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए भी मनाया जाता है। इस मौके पर बहुत से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम सेहतमंद कल के लिए अभी खाना सुरक्षित रखें है। श्वेता मसराम ने बताया की आज खाद्य सुरक्षा एक बहुत बड़ी और बढ़ती समस्या बनती जा रही है। जलवायु परिवर्तन पर खाद्य उपलब्धता पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ रहा है जिस पर लोगों को ध्यान नहीं जा रहा है। अतः समस्या की गंभीरता को देखते हुए थीम में आने वाले कल की चिंता पर जोर दिया गया है। किसान मोबाइल सलाहकार सेवाओं में एवं व्हाट्सएप ग्रुप में महिलाओं को जोड़ा गया।
कार्यक्रम कोविड-19 का पालन करते हुए संपन्न हुआ महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया महिलाओं को सब्जी फल बीज, सरसों बीज और पौधों का वितरण किया गया। लाटा जो एक पौष्टिक आहार है प्रदर्शनी का बिंदु केंद्र बना रहा, इसका प्रयोग सेम तथा मेंम बच्चे में किया जाता है कुपोषण को दूर करने के लिए। कार्यक्रम को सफल बनाने में गीता सिंह ,डॉक्टर सत्येंद्र कुमार ,अवधेश पटेल , के पी तिवारी, एमएम दुबे , कृष्णा बर्मन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं महिलाओं का विशेष योगदान रहा।
