गणेश पाण्डे की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, बुधवार 25 जनवरी,डिंडोरी शासन द्वारा छात्र छात्राओं के छात्रवृत्ति भुगतान हेतु इस वर्ष ईकेवाईसी लागू किया है जिसमें कक्षा नवमी से बारहवीं तक छात्र छात्राओं का समग्र आईडी और आधार ईकेवाईसी के माध्यम से प्रमाणीकरण होना है इससे पहले केवल आधार लिंक मोबाइल नंबर ओटीपी के माध्यम से ईकेवाईसी होना था लेकिन बहुत से लोगों के मोबाइल नंबर आधार से लिंक ना होने के कारण या फिर जो मोबाइल नंबर लिंक है वह खो गया है या बंद हो गया है जिसे ओटीपी नहीं मिल पा रही।
इस परेशानी से निजात दिलाने के लिए शासन ने ईकेवाईसी पोर्टल में फिंगरप्रिंट का विकल्प भी प्रारंभ कर दिया लेकिन आधार पोर्टल में समस्या होने के कारण फिंगरप्रिंट विकल्प काम ही नहीं कर रहा जिसके कारण ईकेवाईसी के लिए छात्र और अभिभावक भटक रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार कक्षा 9वी में अध्ययनरत छात्र आयुष शर्मा पिता सुशील शर्मा का मोबाइल नंबर जोकि छात्र के आधार में पंजीकृत था बहुत पहले बंद हो चुका था जिससे फिर से प्राप्त करने के लिए अभिभावक द्वारा बीएसएनएल कार्यालय संपर्क करने पर पता चला कि उक्त नंबर किसी और को आवंटित हो चुका है। नया मोबाइल नंबर आधार में अपडेट कराना पड़ेगा उसके बाद दिनांक 8 दिसंबर 2022 को अभिभावक ने बच्चे के आधार कार्ड में मोबाइल नंबर संशोधन हेतु पंजीयन कराया। आज लगभग डेढ़ महीने से ज्यादा होने के बाद भी आधार में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं हो सका आधार सेंटर के कस्टमर केयर अधिकारी से बात करने पर उन्होंने बताया कि आधार संशोधन में 60 दिन से 90 दिन भी लग सकते हैं मतलब 2 महीने या 3 महीने, जब आधार संशोधन ही इतने दिनों में होगा तो आम जनता को परेशानी का सामना तो करना ही पड़ेगा। पूर्व में आधार संशोधन में अधिकतम 7 से 10 दिन लगते थे लेकिन अब यह प्रणाली और पेचीदा हो चुकी है जिसके कारण लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस समस्या के कारण अभिभावकों दोबारा आधार संशोधन हेतु पैसे खर्च कर पंजीयन कराना पड़ा ऐसे बार-बार पंजीयन होने के बाद पंजीयन निरस्त होता रहेगा तो कितने बार जनता को पैसे खर्च करके पंजीयन कराना पड़ेगा इसके लिए कोई जवाब देह नहीं है।
