गणेश पाण्डे की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, रविवार 25 जून,डिंडोरी। बिजली विभाग में कार्यरत बाह्य स्रोत कर्मचारी ओरिएंटल इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड मुंबई के अधीनस्थ वर्तमान समय में कार्य कर रहे थे। 1 वर्ष का समय पूर्ण होते ही कंपनी ( बिजली विभाग) ने निविदा शर्तों में अचानक बड़ा फेरबदल करने का मन बनाया है। जिसके लागू होते ही वर्षों से कार्यरत कई बाह्य स्रोत कर्मचारी अचानक बाहर हो सकते हैं।
कंपनी ने सूचना जारी की है। कि जिन श्रमिकों की शैक्षणिक योग्यता एवं उम्र में अधिक है उन्हें अपात्र मानकर कंपनी कार्य से मुक्त करती है।
जिसमें कुशल कर्मचारियों के लिए सब स्टेशन ऑपरेटर के लिए योग्यता कक्षा दसवीं इलेक्ट्रीशियन/ वायरमैन और 2 वर्षीय आईटीआई,
कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए योग्यता कक्षा 12वीं और कंप्यूटर डिप्लोमा, लाइनमैन (फ्यूज ऑफ कॉल ) के लिए योग्यता दसवीं इलेक्ट्रीशियन वायरमैन और 2 वर्षीय आईटीआई,
अर्ध कुशल कर्मचारियों में असिस्टेंट लाइनमैन के लिए योग्यता कक्षा आठवीं ओवरहेड वायर मैन सर्टिफिकेट, मीटर वाचक के लिए योग्यता कक्षा बारहवीं इलेक्ट्रीशियन वायरमैन 2 वर्षीय आईटीआई एवं उम्र 18 से 35 वर्ष अनुभव प्राप्त कर्मचारी को आयु सीमा में 10 वर्ष की छूट दी गई है अर्थात अधिकतम 45 वर्ष की आयु।
अकुशल कर्मचारी के लिए कक्षा आठवीं तक योग्यता की मांग की गई है।
साथ ही निर्देश जारी किए गए हैं कि यदि किसी कारणवश कार्यरत श्रमिकों ने कोई प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है। तो सूचना जारी होने की दो दिवस के अंदर प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। उक्त सूचना विद्युत विभाग के कहने पर ओरिएंटल इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने जारी की है। जिसका विद्युत विभाग के साथ एग्रीमेंट है। इस सूचना से सबसे बड़ा झटका उन कर्मचारियों को लग रहा है जो कई वर्षों से अपनी सेवा विद्युत विभाग को दे रहे हैं और विशेष अनुभवी है। लेकिन उनके पास आईटीआई का डिप्लोमा नहीं है। अब देखने वाली बात है कि कर्मचारियों की नई भर्ती नहीं हो रही है। केवल उनकी भर्ती में 1 साल का विस्तार किया जाना है। अब भर्ती के विस्तार में अचानक नई शर्तें जुड़ जाने से ज्यादातर कर्मचारी इस असमंजस में है कि हमें कार्य पर रखा जाएगा या नहीं। यदि कंपनी द्वारा जारी की गई निविदा शर्तों को पूरी तरह माना जाता है, तो ये कर्मचारी बाहर हो सकते हैं।इसके अलावा वह सभी बाह्य स्रोत कर्मचारी केवल मीटर वाचक बाहर हो सकते हैं ।जिनकी आयु सीमा 45 वर्ष से अधिक की हो गई है। भले ही वह 10_ 15 वर्षों से कार्यरत हों। वैसे देखा जाए तो मीटर वाचक को आईटीआई की कोई आवश्यकता नहीं है। क्योंकि उसे सिर्फ मीटर देखकर मीटर की रीडिंग बस करना है। जिसके लिए उसके पास पर्याप्त अनुभव है क्योंकि वह इस कार्य को विगत 15 वर्षों से लगातार कर रहा है। किसी प्रकार का कोई तकनीकी काम उसे नहीं करना है फिर आईटीआई की आवश्यकता आज क्यों? यह बड़ा सवाल है। कि कहीं इन निविदा शर्तों के आधार पर बिजली विभाग /कंपनी पुराने कार्यरत कर्मचारियों को बाहर करना तो नहीं चाहती। इस तुगलकी फरमान से 10 /15 वर्षों से मीटर वाचन का कार कर रहे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। क्या नए कर्मचारी जिनके पास आईटीआई का डिप्लोमा है 10/15 वर्षों से अनुभव प्राप्त कर्मचारियों से बेहतर सेवा दे सकेंगे? नई निविदा शर्तें उस समय लागू की जा सकती थी जब किसी नई कंपनी का अनुबंध बिजली विभाग के साथ होता। किसी कंपनी के साथ किए गए पुराने अनुबंध में अचानक नई निविदा शर्तें जोड़ देना कहां तक उचित है। इस संबंध में जब कंपनी के सुपरवाइजर नेमचंद राय से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जो भी निविदा शर्तें जारी की गई है ।वह हमारी कंपनी की ओर से नहीं है विद्युत विभाग की ओर से ही हैं।
यदि नियम पूरी तरह लागू किया जाता है तो मीटर वाचकों की नई भर्ती के संकेत मिल रहे हैं।अब उस भर्ती में नियमों का पालन किस हद तक तक होता है ये देखने वाली बात है।
