ओमप्रकाश परस्ते की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24,रविवार 25 जून
डिंडोरी। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा प्रदेश के अधिकारियों कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों के संबंध में मध्यप्रदेश शासन प्रशासन को समय-समय पर विज्ञापन और पत्र के माध्यम से अवगत कराया जाता है। कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों के निराकरण के लिए शासन द्वारा दो मंत्रियों का एक समूह गठित किया गया था। लेकिन दोनों मंत्री समूह द्वारा आज तक कर्मचारियों के हित में कोई भी ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण पूरे भारतवर्ष में मध्य प्रदेश एकलौता एक ऐसा राज्य बन गया। जहां पिछले 6 वर्षों से प्रदेश में अधिकारी कर्मचारियों की पदोन्नति नहीं हुई है। जिसके कारण प्रदेश के अधिकारी कर्मचारियों में निराशा बढ़ने से शासकीय कार्यों पर विपरीत असर पढ़ने के साथ-साथ सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा पुनः ज्ञापन दिया जा रहा है इसमें लंबित मांगों के संबंध में लिखा गया है।
ज्ञापन में लिखा गया है कि पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। अधिकारी कर्मचारियों की पदोन्नति शीघ्र प्रारंभ की जाए । लिपिक वर्ग को मंत्रालय के समान समय मान वेतन दिया जाए। नए शिक्षा संवर्ग में नियुक्त अध्यापक संवर्ग को नियुक्ति के स्थान पर संविलियन के आदेश जारी कर सेवा अवधि की गणना प्रथम दिनांक शिक्षाकर्मी संविदा शिक्षक एवं गुरु जी के पद पर नियुक्ति दिनांक से करते हुए वरिष्ठता दी जाए। सर्वप्रथम दैनिक वेतन भोगी संविदा कर्मचारी स्थाई कर्मी आदि कर्मचारियों को विभाग के रिक्त पदों के विरुद्ध नियमितीकरण करने के उपरांत ही शेष पदों पर भर्ती की जाए। इस प्रकार मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा में अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
