गणेश पांडे की रिपोर्ट
आईविटनेस न्यूज़ 24, बुधवार 28 जून
डिंडोरी । जिले में लंबे समय से निजी अशासकीय स्कूल चल रहे हैं लेकिन ज्यादातर अशासकीय स्कूल शासन की गाइडलाइन को ताक पर रखकर धड़ल्ले से चल रहे हैं। संबंध में बसपा के जिलाध्यक्ष असगर सिद्दीकी ने कलेक्टर को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। पत्र में इस बात का उल्लेख किया गया है कि प्राइवेट स्कूलों में धारा 144 का पालन नहीं हो रहा है ना ही किसी भी अशासकीय स्कूल में सूचना पटल पर स्कूल के शुल्क से संबंधित जानकारी चस्पा है। बहुत से स्कूलों में खेल के मैदान नहीं हैं, शौचालय नहीं है ,आने जाने का रास्ता नहीं है। ज्यादातर प्राइवेट स्कूलों में हर वर्ष छात्र छात्राओं से री एडमिशन फीस ली जाती है, जबकि छात्र छात्रा पहले से ही उस स्कूल में अध्ययनरत है। जो उचित नहीं है। गरीब मध्यमवर्ग इन स्कूलों की फीस भरते भरते कर्ज में डूब जाते हैं।
जिले में संचालित ज्यादातर प्राइवेट स्कूलों में कार्यरत कर्मचारियों को इ पी एफ की सुविधा भी नहीं मिल रही है जिससे कार्यरत कर्मचारियों का भी शोषण हो रहा है।
शिक्षा विभाग द्वारा टीम गठित कर इन स्कूलों की जांच की जाए जिससे कि अभिभावक शोषण से बच सकें।
