गणेश पांडेय की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, मंगलवार 4 जुलाई
डिंडोरी। कलेक्टर विकास मिश्रा ने वर्षाऋतु में मछलियों की वंशवृद्धि को दृष्टिगत रखते हुये तथा उन्हें संरक्षण देने के लिये म.प्र. नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम 1972 की धारा में निहित प्रावधानुसार 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को क्लोज सीजन के रूप में अधिघोषित किया है। उन्होनें कहा कि छोटे तालाब या अन्य स्त्रोत जिनका कोई संबंध किसी नदी से नहीं है और जिन्हें निर्दिष्ट जल की परिभाषा के अंतर्गत नहीं लाया जाता है, को छोड़कर समस्त नदियों, जलाशयों में बंद ऋतु में मत्स्याखेट पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा साथ ही मत्स्य विक्रय या मत्स्य विनिमय अथवा परिवहन करना भी प्रतिबंधित है। उन्होनें कहा कि इन नियमों के उल्लंघन पर म.प्र. राज्य मत्स्य क्षेत्र (संशोधित) अधिनियम 1981 की धारा 5 के तहत उल्लंघनकर्ता को एक वर्ष का कारावास या 5 हजार रूपये तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाने का प्रावधान है। अतः मत्स्य समितियों, मत्स्य समूहों, निजी मत्स्यपालकों एवं जन साधारण को सूचित किया है कि वे 16 जून से 15 अगस्त तक किसी भी प्रकार का मत्स्याखेट, मत्स्य विनिमय व परिवहन न तो स्वंय करें, न ही इसमें किसी अन्य को सहयोग दें।
